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भारतीय सेना ने भूटान के सिविल इंजीनियर्स के लिए पुणे में विशेष ट्रेनिंग कोर्स आयोजित किया

पुणे, 3 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सेना की प्रतिष्ठित संस्था कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) में भूटान की रॉयल गवर्नमेंट के सिविल इंजीनियर्स के लिए एक विशेष ट्रेनिंग कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कोर्स भारतीय सेना की ओर से तैयार किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य पड़ोसी देश के इंजीनियर्स को उन्नत इंजीनियरिंग कौशल प्रदान करना था।
भारतीय सेना ने भूटान के सिविल इंजीनियर्स के लिए पुणे में विशेष ट्रेनिंग कोर्स आयोजित किया

पुणे, 3 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सेना की प्रतिष्ठित संस्था कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) में भूटान की रॉयल गवर्नमेंट के सिविल इंजीनियर्स के लिए एक विशेष ट्रेनिंग कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कोर्स भारतीय सेना की ओर से तैयार किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य पड़ोसी देश के इंजीनियर्स को उन्नत इंजीनियरिंग कौशल प्रदान करना था।

तीन सप्ताह तक चले इस कोर्स में भूटान के सिविल इंजीनियर्स को बेली ब्रिज के कॉन्सेप्ट्स की गहन जानकारी दी गई। बेली ब्रिज एक पोर्टेबल और जल्दी बनने वाला पुल होता है, जो आपात स्थितियों में बहुत उपयोगी साबित होता है। कोर्स में विशेष रूप से भूटान के ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाकों में इस ब्रिज के निर्माण और इस्तेमाल पर जोर दिया गया। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास कराए गए, ताकि वे वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।

इसके अलावा, कोर्स में भूटान के इंजीनियर्स को भारतीय रक्षा उपकरण बनाने वाली प्रमुख इंडस्ट्रीज का दौरा कराया गया। इससे उन्हें आधुनिक तकनीक और निर्माण प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। यह दौरा उनके ज्ञान को और समृद्ध करने में मददगार साबित हुआ। प्रतिभागियों ने भारतीय सेना की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता की सराहना की और इसे अपने देश में लागू करने की इच्छा जताई।

यह कोर्स भारत और भूटान के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। भारतीय सेना पड़ोसी देशों के साथ क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल तकनीकी सहयोग बढ़ाते हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और मैत्री को भी गहरा करते हैं।

सीएमई पुणे भारतीय सेना के इंजीनियर्स की प्रमुख ट्रेनिंग संस्था है, जो न केवल अपने जवानों को बल्कि मित्र देशों के अधिकारियों को भी विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भूटान के इंजीनियर्स अब अपने देश लौटकर इस ट्रेनिंग का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास में करेंगे। भारतीय सेना की यह पहल दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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