भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भविष्य उन्मुख प्रशिक्षण विजन दस्तावेज
नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस) भारतीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण को और बेहतर व भविष्य के अनुरूप बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से एक महत्त्वपूर्ण विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है। यह विजन डॉक्यूमेंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी ने जारी किया है।
यह सैन्य डॉक्यूमेंट भारतीय सशस्त्र बलों में प्रशिक्षण की पद्धति को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाएगा। साथ ही यह भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप भी है। यह दस्तावेज तीनों सेनाओं यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है। यह विजन डॉक्यूमेंट इसलिए तैयार किया गया है ताकि सैन्य प्रशिक्षण से संबंधित प्रक्रिया, लक्ष्य और अपेक्षित परिणाम स्पष्ट रूप से परिभाषित किए जा सकें।
एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) द्वारा साझा की गई एक जानकारी के मुताबिक इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य और भविष्य की संभावित चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया गया है। आकलन करते हुए यह बताया गया है कि सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे सैन्य लीडर्स का निर्माण करना है जो आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिलताओं को समझते हों।
साथ ही विभिन्न डोमेनों जैसे जल, थल, वायु, अंतरिक्ष व साइबर में संचालित होने वाले मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स को संयुक्त एवं समन्वित रूप से संचालित करने में सक्षम हों। विजन दस्तावेज में प्रोफेशनल मिलिटरी एजुकेशन के प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट शिक्षण उद्देश्यों को परिभाषित किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि सैन्य अधिकारियों के विकास में क्रमिक और सार्थक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इसमें बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण से लेकर उच्चाधिकारियों के सामरिक एवं रणनीतिक स्तर के प्रशिक्षण तक, सभी स्तरों के लिए अपेक्षित क्षमताओं और दक्षताओं का व्यवस्थित विवरण शामिल है। यह दस्तावेज न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सशस्त्र बलों को भविष्य की तकनीकी और युद्धक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने का भी प्रयास करता है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी का यह विजन भारतीय सैन्य ढांचे को बेहतर समन्वित, अधिक सक्षम और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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