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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता नए अवसरों का द्वार, भारतीय पेशेवरों को मिलेगा बड़ा लाभ: पीयूष गोयल

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता नए अवसरों का द्वार, भारतीय पेशेवरों को मिलेगा बड़ा लाभ: पीयूष गोयल
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता नए अवसरों का द्वार, भारतीय पेशेवरों को मिलेगा बड़ा लाभ: पीयूष गोयल

मुंबई, 12 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लागू होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यात, सेवा क्षेत्र और विदेश में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में पीयूष गोयल ने कहा कि 15 जुलाई से भारत से यूके भेजे जाने वाले अधिकांश सामानों पर शून्य आयात शुल्क (जीरो इम्पोर्ट ड्यूटी) लागू होगा, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा, "भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस समझौते से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे और देश के निर्यात को नई गति मिलेगी।"

उन्होंने विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में कार्यरत भारतीय युवाओं के लिए हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा, "अब तक यूके में दो से पांच वर्ष तक काम करने वाले भारतीय पेशेवरों की आय का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा वहां की सोशल सिक्योरिटी प्रणाली के तहत कट जाता था, जबकि उन्हें उसका प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पाता था।"

गोयल ने बताया, "भारत और यूके के बीच 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट' भी अंतिम रूप ले चुका है, जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसके तहत पांच वर्ष तक यूके में कार्य करने वाले भारतीय कर्मचारियों को वहां सोशल सिक्योरिटी योगदान नहीं देना पड़ेगा। इसके बजाय यह राशि भारत में उनके प्रोविडेंट फंड (पीएफ) खाते में जमा होगी, जहां उस पर 8.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। यह राशि कर-मुक्त रहेगी और भविष्य में कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी।"

इससे पहले मंत्री ने मुंबई में बंट समुदाय द्वारा स्थापित शशिकिरण शेट्टी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने बंट समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि समाज के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस संस्थान में अध्ययन करने वाले लगभग 3,000 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी और वे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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