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भारत-यूएई संयुक्त समिति की बैठक, मोबिलिटी और प्रत्यर्पण पर सहयोग बढ़ाने पर जोर

भारत-यूएई संयुक्त समिति की बैठक, मोबिलिटी और प्रत्यर्पण पर सहयोग बढ़ाने पर जोर
भारत-यूएई संयुक्त समिति की बैठक, मोबिलिटी और प्रत्यर्पण पर सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-यूएई वाणिज्य दूतावास मामलों की संयुक्त समिति की सातवीं बैठक बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रालय के अवर सचिव उमर ओबैद मोहम्मद अल हेसन अल शम्सी ने की।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इससे संबंधित संक्षिप्त बयान जारी किया। कुछ तस्वीरों के साथ पोस्ट में बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप वाणिज्य दूतावास से जुड़े सभी मामलों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

इस दौरान लोगों की आवाजाही (मोबिलिटी), प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) और पारस्परिक कानूनी सहायता जैसे विषय शामिल रहे। भारतीय पक्ष ने यूएई में रह रहे प्रवासी भारतीयों के कल्याण और उनके हितों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।

प्रत्यर्पण संधि की बात करें तो, भारत और यूएई ने 1999 में औपचारिक प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। ये भगोड़े अपराधियों को एक-दूसरे को सौंपने से संबंधित है।

भारत-यूएई के बीच कूटनीतिक संबंध काफी पुराने हैं। संयुक्त अरब अमीरात भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। भारतीय समुदाय ने संयुक्त अरब अमीरात की आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यही कारण है कि भारत की पश्चिम एशिया नीति में संयुक्त अरब अमीरात का महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

इजरायल-अमेरिका के ईरान पर संयुक्त हमले के दौरान भी भारत के प्रधानमंत्री लगातार उनके संपर्क में रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई को यूरोप जाने से पहले भी यूएई पहुंचे थे।

अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापक और सकारात्मक बातचीत के बाद पीएम मोदी ने कहा था, "भारत और यूएई की मित्रता बहुत मजबूत है। हमारे देश अपनी माटी (धरती) के बेहतर भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से साथ मिलकर काम करते रहेंगे।"

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में लगभग 43 लाख भारतीय रहते हैं। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संख्या यूएई की कुल आबादी का लगभग 35% से 38% है, जो गल्फ में रहने वाले सबसे बड़े प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है।

--आईएएनएस

केआर/

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