Samachar Nama
×

भरत तिवारी को नौकरी-मुआवजे से नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा न्याय : प्रशांत किशोर

भरत तिवारी को नौकरी-मुआवजे से नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा न्याय : प्रशांत किशोर
भरत तिवारी को नौकरी-मुआवजे से नहीं, दोषियों पर कार्रवाई से मिलेगा न्याय : प्रशांत किशोर

पटना, 13 अगस्त (आईएएनएस)। जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर उपचुनाव में जीत के बाद ‘आभार बांकीपुर’ कार्यक्रम के तहत लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को उन्होंने विभिन्न इलाकों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने भरत भूषण तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुआवजा और नौकरी देना सरकार का दायित्व हो सकता है, लेकिन इससे न्याय नहीं होगा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि एक बांकीपुर की हार से सिर्फ भरत तिवारी के परिवार के साथ न्याय की शुरुआत नहीं हुई है, बल्कि एनकाउंटर की बातें भी बंद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि भरत तिवारी को गोली मारने का आदेश किसने दिया और गोली चलाने वालों पर क्या कार्रवाई हुई।

उन्होंने कहा, “न्याय का मतलब है कि जिन लोगों ने गोली चलाई और जिन लोगों ने गोली चलाने का आदेश दिया, उन पर कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिले। किसी के बच्चे की मौत की कीमत सरकारी नौकरी और चंद रुपये नहीं हो सकती।”

जन सुराज नेता ने गृह विभाग और एसटीएफ की भूमिका की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों ने गोली चलाने का आदेश दिया, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग को अपनी रिपोर्ट देने का अवसर मिलना चाहिए और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार को सिर्फ भरत तिवारी के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों के लिए समान नीति अपनानी चाहिए, जिनके परिजनों की एनकाउंटर के नाम पर हत्या हुई है।

उन्होंने बंटी यादव के परिवार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें भी नौकरी और मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एक परिवार को नौकरी और आर्थिक सहायता देकर सरकार मामले को समाप्त करना चाहती है तो यह केवल राजनीति होगी। उन्होंने कहा , “परिवार भले चुप हो जाए, हम लोग चुप होने वाले नहीं हैं। यह लड़ाई जारी रहेगी।"

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीट छात्रा से जुड़े मामले, भरत तिवारी प्रकरण, नालंदा में पासवान समाज के दो बच्चों की हत्या और आरा में हुई हत्या जैसे मामलों में केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि समाज को सुरक्षा, विकास और बेहतर व्यवस्था चाहिए। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर कहा कि विपक्ष के नेता अपना काम करेंगे, जबकि जन सुराज अपना काम खुद कर रहा है। भाजपा की ओर से जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो ईडी और सीबीआई से जांच करा सकती है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच

Share this story