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भारत-पाकिस्तान दोनों देशों को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए: सैयद तजामुल

भारत-पाकिस्तान दोनों देशों को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए: सैयद तजामुल
भारत-पाकिस्तान दोनों देशों को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए: सैयद तजामुल

श्रीनगर, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पीडीपी प्रवक्ता सैयद तजामुल ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत करते हुए कहा कि दोनों देशों को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। तजामुल ने कहा कि महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का मुख्यधारा की राजनीति में मूल विचार सिर्फ बातचीत है। जब जम्मू-कश्मीर में हालात बहुत खराब थे, तब भी मुफ्ती का यही रुख था कि पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध रखने चाहिए।

भू-राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर तजामुल ने कहा कि उपमहाद्वीप में जब तक देश एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध नहीं रखेंगे, उनकी जीडीपी, वित्तीय स्थिति और बाजार की चुनौतियों से निपटना मुश्किल रहेगा। कोई भी तीसरा देश उनसे आगे निकल सकता है। महबूबा मुफ्ती बार-बार कहती रही हैं कि एक बड़े देश को छोटे देश का साथ देना चाहिए। भारत को बड़े भाई की भूमिका निभानी चाहिए। भारत बड़े भाई की भूमिका निभाता रहा है। हाल की कुछ घटनाओं के बाद, बातचीत बंद है।

ईरान मुद्दे पर पीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध का मुकाबला युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत से होता है। हम अपने पड़ोसियों को नहीं बदल सकते, लेकिन रिश्ते जरूर सुधार सकते हैं। महबूबा मुफ्ती ने ईरान के साथ संबंधों को मजबूत रखने पर जोर दिया है। ईरान के साथ जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध बहुत गहरे हैं।

पीडीपी नेता मीर मोहम्मद फयाज ने सीएम उमर के भारत-पाक बातचीत को लेकर दिए बयान पर कहा कि हमारी पार्टी प्रमुख पहले ही इस बात को कह चुकी हैं। आरएसएस प्रमुख कहते हैं कि बातचीत से ही मसला हल हो जाता है। सच भी यही है। दुनिया में आप कहीं भी देख लीजिए। ईरान अमेरिका की जंग भी बातचीत से हल हुई। जंग किसी मसले का हल नहीं, बातचीत से मसला हल करना चाहिए।

भारत में भी कई नेता भारत-पाक के बीच बातचीत को लेकर अलग-अलग राय रख चुके हैं। जम्मू-कश्मीर से आने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से कहा गया है कि दोनों देशों के बीच वार्ता जरूरी है। वहीं, दूसरे दलों के नेताओं का मानना है कि खून और पानी साथ नहीं बह सकता

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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