भारत ने समोआ और नाउरू के साथ द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 16 से 22 अक्टूबर 2026 तक समोआ और नाउरू का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दोनों प्रशांत द्वीपीय देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग, क्षमता निर्माण, डिजिटल विकास, जलवायु परिवर्तन से निपटने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, समोआ दौरे के दौरान मार्गेरिटा का प्रधानमंत्री लाआउलियालेमालिएतोआ लुएआतेआ पोलाताइवाओ फोसी श्मिट और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने पारंपरिक ‘आवा’ समारोह के साथ स्वागत किया। उन्होंने समोआ के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान मार्गेरिटा और समोआ के प्रधानमंत्री ने ‘सेनेसे’ परियोजना के कार्यान्वयन से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कर दिव्यांग बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के समावेश एवं विकास को बढ़ावा देना है। समोआ के प्रधानमंत्री ने विदेश राज्य मंत्री के सम्मान में आधिकारिक भोज का भी आयोजन किया। मार्गेरिटा ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।
भारत लौटने के दौरान ऑकलैंड में पारगमन प्रवास के दौरान मार्गेरिटा ने इंडिया न्यूजीलैंड बिजनेस काउंसिल (आईएनजेडबीसी) की ओर से आयोजित कारोबारी संवाद में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में वस्त्र और फैशन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। न्यूजीलैंड के जातीय समुदाय मंत्री और खेल एवं मनोरंजन मंत्री मार्क मिशेल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मार्गेरिटा ने दुर्गा पूजा समारोह में भाग लिया और भारतीय समुदाय के सदस्यों से अलग से मुलाकात भी की।
नाउरू के दौरे के दौरान विदेश राज्य मंत्री ने राष्ट्रपति डेविड डब्ल्यू. आर. एडियांग से मुलाकात की। उन्होंने नाउरू की संसद के अध्यक्ष मार्कस स्टीफन से भी अलग से बातचीत की। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, संसदीय आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मार्गेरिटा ने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के कार्यक्रमों के पूर्व प्रतिभागियों के साथ-साथ भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद किया। उन्होंने भारत-नाउरू संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
दौरे के दौरान मार्गेरिटा ने भारत की त्वरित प्रभाव परियोजना (क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट) के तहत आयोजित मिनी साइक्लिंग कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। ‘साइक्लिंग फॉर ए स्ट्रॉन्गर नाउरू’ नाम की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को विकसित करना और साइक्लिंग के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। उन्होंने नाउरू के सार्वजनिक अस्पताल और फॉस्फेट खनन स्थलों का भी दौरा किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा समोआ और नाउरू के साथ विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है। भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के ढांचे के तहत भी भारत इन देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने प्रशांत द्वीपीय देशों की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं और क्षेत्र की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने में उनके साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
--आईएएनएस
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