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भारत न फ्रांस है, न अल्बानिया, यहां लोकतंत्र और शासन मजबूत : संतोष पांडे

भारत न फ्रांस है, न अल्बानिया, यहां लोकतंत्र और शासन मजबूत : संतोष पांडे
भारत न फ्रांस है, न अल्बानिया, यहां लोकतंत्र और शासन मजबूत : संतोष पांडे

कवर्धा, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस पर बैठक का बहिष्कार और अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बैठक बुलाई जाए तो उसमें शामिल होना चाहिए। वहीं फ्रांस और अल्बानिया में हुए दंगे पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत न अल्बानिया है, न फ्रांस, न श्रीलंका और न ही बांग्लादेश, यहां लोकतंत्र बेहद मजबूत है और देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, इसलिए यहां दंगे का सपना देखने वाले विदेशी फंडेड तत्व अपना भ्रम छोड़ दें।

सांसद संतोष पांडे ने कहा, "जब भी बैठक बुलाई जाती है तो कभी बहिष्कार करते हैं, कभी अनुपस्थित रहते हैं, बैठक की उपेक्षा और अवहेलना करते हैं। वास्तव में जब बैठक हो तो उसमें आना चाहिए। इंडियन नेशनल कांग्रेस लंबे समय से कई बैठकों की अवहेलना करती आई है, इसलिए जब बैठक बुलाई जाए तब उसमें भाग लेना चाहिए।"

फ्रांस और अल्बानिया में हुए दंगे पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि भारत अल्बानिया नहीं है, फ्रांस नहीं है, श्रीलंका का कोलंबो नहीं है, नेपाल का काठमांडू नहीं है और न ही यह बांग्लादेश है। यहां लोकतंत्र बहुत मजबूत है और भारत का नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। यहां की सुरक्षा व्यवस्था और गुड गवर्नेंस पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। जो लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, उन्हें यह भ्रम छोड़ देना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और भारत निरंतर विकास कर रहा है। कुछ असंतुष्ट विदेशी तत्व, जिन्हें फंडिंग प्राप्त होती है, ऐसे सपने देख रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भूल जाना चाहिए।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने को लेकर उन्होंने कहा कि शून्य प्रतिशत ड्यूटी से दोनों देशों के बीच व्यापार में काफी वृद्धि होगी और दोनों देशों का विकास होगा। यह दोनों देशों के हित में है।

विजयादशमी के अवसर पर सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि भगवान राम सदाचार की अत्याचार और दुराचार पर विजय के प्रतीक हैं। भगवान राम ने मर्यादा की स्थापना की। रावण का वध करके उन्होंने यही संदेश दिया कि चरित्र सबसे बड़ा होता है। रावण कितना भी बलवान, धनवान और विद्या में निपुण क्यों न हो, यदि चरित्र न हो तो सब व्यर्थ है। आज मैं अपने सभी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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