भारत में मुसलमान असुरक्षित महसूस कर रहा, भाजपा शासित राज्यों में बुरे हालात : मौलाना मुश्ताक
हैदराबाद, 29 सितंबर (आईएएनएस)। तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों को कठिनाइयों और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संवैधानिक सुरक्षा की मांग की।
मौलाना मुश्ताक मलिक ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्यों में मुसलमानों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। जहां भी एसआईआर हुआ है, जैसे असम और बंगाल में मुसलमानों को बाहर निकाला जा रहा है और डिटेंशन सेंटर में भेजा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मुस्लिम इलाकों में पानी तक बंद कर दिया गया है। मस्जिद गिराए जा रहे हैं, मॉब लिंचिंग हो रही है। टोपी पहनकर और दाढ़ी रखकर ट्रेनों में चलना और आम सड़कों पर चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है। मुस्लिमों के घर तोड़े जा रहे हैं। एक बार में 200 घरों वाली मुस्लिम बस्तियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। मुसलमान इस वक्त देश में सुरक्षित नहीं हैं।"
मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा, "मसलमान भारत को सबसे सुरक्षित देश मानता था, इसलिए 1947 में पाकिस्तान जाने के बजाय भारत में रहने का निर्णय लिया था। भारत को अपना मुल्क समझा। इस देश के लिए आरएसएस के लोगों से अधिक हमारे समाज के लोगों ने कुर्बानी दी है। इस देश के लिए हमने धर्म युद्ध का ऐलान किया था लेकिन आज हमसे कहा जा रहा है कि यह देश तुम्हारा नहीं है। जिन्होंने देश के लिए गद्दारी की, वह आज मुसलमानों से वंदे मातरम पर बात करते हैं। कोई गीत गाना देशभक्ति नहीं है। अब्दुल हमीद की तरह देश की रक्षा करना देशभक्ति है। फिलहाल आज इस देश में मुसलमान असुरक्षित महसूस कर रहा है।"
इससे पहले हैदराबाद में मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा था, "हाल ही में दिल्ली की मदीना मस्जिद और कोलकाता एयरपोर्ट की जामा मस्जिद को गिरा दिया गया। असल में, ऐसा लगता है कि आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी ने देश को संभालने की अपनी सारी कोशिशें और क्षमताएं खत्म कर ली हैं। अब, गैरकानूनी होने के नाम पर उन्होंने मस्जिदों की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया है।"
--आईएएनएस
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