भारत की प्रगति के खिलाफ प्रदर्शन कर कांग्रेस ने चेहरे से नकाब ही नहीं, बदन के कपड़े तक उतार दिए: विजय सिन्हा
पटना, 20 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के खिलाफ कांग्रेस ने चेहरे से नकाब ही नहीं, बदन के कपड़े तक उतार दिए।
विजय सिन्हा ने कहा कि एआई समिट राष्ट्र की प्रतिष्ठा ही नहीं बल्कि राष्ट्र की प्रतिभा को भी आगे बढ़ा रहा है। पूरा विश्व भारत की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहा है, लेकिन कांग्रेस नेता हताश और निराश हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियां भारत की एआई ताकत को स्वीकार करने दिल्ली आई हैं। इस तरह के मंच पर भारत अपनी टेक्नोलॉजी क्षमता दिखा रहा है। जब दुनिया भारत को टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में देख रही हो, कांग्रेस की हरकतें राजनीतिक में नित नई निम्नता तो पहले से ही दिखाई दे रही थी, आज नग्नता भी दिखाई दे गई। यह मात्र राजनीति में निरंतर मिल रही असफलता से उत्पन्न विक्षिप्तता नहीं बल्कि एक षड्यंत्रकारी कुटिलता है। भारत की प्रगति के खिलाफ सोची-समझी राजनीति में कांग्रेस ने आज अपने चेहरे का नक़ाब ही नहीं, बदन के कपड़े तक उतार दिए हैं।
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राष्ट्र की प्रतिष्ठा को धूमिल करना कांग्रेस के डीएनए में है, जब भारत वैश्विक एआई समिट की मेजबानी कर रहा था और दुनिया के सामने अपनी तकनीकी उत्कृष्टता का प्रदर्शन कर रहा था, उसी समय कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में अराजकता फैलाने का काम किया। यह सिर्फ विरोध नहीं, यह राष्ट्र की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास था।
उन्होंने कहा कि जब देश खुद को वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है, तब ऐसे कृत्य केवल उन शक्तियों के हित में काम करते हैं जो भारत को कमजोर देखना चाहती हैं। कांग्रेस की यह हरकत राष्ट्रद्रोह के समान है। देश की जनता कांग्रेस की यह करतूत को कभी माफ नहीं करेगी।
आरएलएम माधव आनंद ने कहा कि एआई समिट में जाकर विरोध करने का कोई मतलब नहीं है। यह समझ से परे है।
लोजपा (रामविलास) विधायक राजू तिवारी ने कहा कि जब भी देश में कोई बड़ा डेवलपमेंट होता है, तो अच्छे काम का विरोध करना कांग्रेस की फितरत है।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी

