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भारत की प्रगति के लिए रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग अहम: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

भारत की प्रगति के लिए रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग अहम: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
भारत की प्रगति के लिए रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग अहम: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि शिक्षण संस्थानों को केवल बुनियादी शिक्षा देने से आगे बढ़कर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए। वे पेरुंदुरई, इरोड में कोंगु वेल्लार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट (केवीआईटी) के ‘अरीवुकुडम’ के उद्घाटन और स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 41 संस्थापकों की दूरदर्शिता की सराहना की और बताया कि केवीआईटी संस्थानों के माध्यम से लगभग एक लाख लोगों ने शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि कोंगु क्षेत्र में शिक्षा के विकास में उनके योगदान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों के साथ इन संस्थानों के वैश्विक संबंधों की प्रशंसा की।

राधाकृष्णन ने युवाओं से अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने और बुनियादी शिक्षा से अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट में शामिल होने और एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए खुद को तैयार करने का आह्वान किया।

'बदलाव ही एकमात्र निरंतरता है' इस बात पर जोर देते हुए सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से अपनी ताकत को पहचानने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और दूसरों से तुलना किए बिना डटे रहने का आग्रह किया। उन्होंने मानसिक शांति और तेज बुद्धि के लिए योग और ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला और स्वामी विवेकानंद को उद्धृत किया, 'आप वही बनते हैं जो आप सोचते हैं।'

उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि 'अरीवुकुडम' अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन का केंद्र बनेगा, जिससे ये संस्थान वैश्विक ज्ञान केंद्रों के रूप में मजबूत होंगे और सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास में योगदान देंगे।

सीपी राधाकृष्णन ने जोर दिया कि भारत की निरंतर प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें नवीन परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों को प्रदर्शित किया गया था। उनकी उपस्थिति में एंकर इंडस्ट्रीज और अरीवुकुडम-ए रिसर्च पार्क के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया, जिससे उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग और मजबूत हुआ और अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा मिला।

राधाकृष्णन ने कॉलेज और ट्रस्ट से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने अरीवुकुडम - ए रिसर्च पार्क, फार्मेसी कॉलेज, कोंगु नेचुरोपैथी और योग मेडिकल कॉलेज तथा केवीआईटीटी के क्लाउड किचन की आधारशिला रखने की याद में पट्टिकाओं का अनावरण भी किया।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम. एम. सुंदेश, केवीआईटी ट्रस्ट के अध्यक्ष देवराजन, और अन्य लोग शामिल हुए।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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