भारत की अक्षय ऊर्जा क्रांति को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना, मेहमानों ने की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता की सराहना
नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में सोमवार को 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन' का आयोजन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद मेहमानों ने भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता पर अपने विचार साझा किए।
डच उद्यमी पीटर हैक और गुयाना के उच्चायुक्त धर्मकुमार सीराज ने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण, निवेश के अवसरों और 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्य की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर अपने विचार साझा किए।
आईएएनएस से बात करते हुए डच उद्यमी पीटर हैक ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता की सराहना की। पीटर हैक ने कहा कि उनकी कंपनी ऐसी नई तकनीक पर काम कर रही है जो न तो सौर ऊर्जा पर आधारित है और न ही पवन ऊर्जा पर। यह तकनीक चौबीसों घंटे लगातार बिजली पैदा कर सकती है, जिससे महंगी बैटरियों की जरूरत काफी कम हो सकती है।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक मीठे और खारे पानी के बीच मौजूद ऊर्जा का उपयोग करके बिजली पैदा करती है। भारत में इसकी बड़ी संभावनाओं को देखते हुए वे यहां एक बड़े पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह पहल आज हुई चर्चाओं और भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि यह टिकाऊ ऊर्जा का एक नया विकल्प हो सकता है, जो मौजूदा ऊर्जा स्रोतों के साथ मिलकर काम कर सकता है।
पीटर हैक ने कहा कि कई देशों में लोग इस तरह की पहलों के बारे में बहुत बात करते हैं लेकिन जमीन पर उतना काम नहीं होता। हालांकि, भारत में स्थिति अलग है। यहां केवल चर्चा ही नहीं होती, बल्कि योजनाओं को वास्तव में लागू भी किया जाता है। उन्होंने कहा, "भारत में इस दिशा में वास्तविक प्रगति हो रही है और यही वजह है कि यह काम करने और निवेश करने के लिए एक बेहतरीन जगह है।"
पीटर हैक ने उम्मीद जताई कि इससे भारत और नीदरलैंड के बीच स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत और लाभकारी सहयोग विकसित होगा।
वहीं, गुयाना गणराज्य के उच्चायुक्त ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की क्षमता की सराहना की। उच्चायुक्त धरमकुमार सिराज ने कहा कि भारत का विशाल आकार, इसकी बड़ी आबादी और पिछले डेढ़ दशक में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुई तेज प्रगति यह दिखाती है कि भारत के पास वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में नेतृत्व करने की बड़ी क्षमता है।
उन्होंने कहा कि देश का आकार, जनसंख्या और सबसे महत्वपूर्ण इस दिशा में आगे बढ़ने की सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति भारत को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की क्षमता रखते हैं। सिराज ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व नेता बनने के अपने लक्ष्य को जरूर हासिल करेगा।"
कोसोल एनर्जी के सीईओ नितिन सांगले ने कहा कि आज हम आत्मविश्वास से बात कर सकते हैं कि 'सोलर मिशन', 'सोलर प्रोजेक्ट्स' पर जिस मुकाम पर हमारा हिंदुस्तान पहुंचा है उसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है क्योंकि उन्होंने विजनरी पॉलिसी बनाई। पीएम सूर्य घर प्रोग्राम हो या बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे पीएम कुसुम हो, यूटिलिटी-स्केल प्रोजेक्ट्स के लिए जो बढ़ावा दिया गया, यह सब प्रधानमंत्री मोदी की देन है।
--आईएएनएस
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