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भारत के हिंदू राष्ट्र बनने का मोहन भागवत का सपना कभी नहीं होगा पूरा: स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 12 जनवरी (आईएएनएस)। जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा।
भारत के हिंदू राष्ट्र बनने का मोहन भागवत का सपना कभी नहीं होगा पूरा: स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 12 जनवरी (आईएएनएस)। जनता पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा।

सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मोहन भागवत का यह दिवास्वप्न कभी पूरा होने वाला नहीं है। भारत हिंदू राष्ट्र कभी नहीं बन पाएगा। भारत तो भारत था और आगे भी भारत ही रहेगा। लिहाजा मेरा मोहन भागवत को यही सुझाव है कि वे इस तरह का बयान देना बंद करें। इससे उन्हें कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। मोहन भागवत हजार जन्म भी ले लेंगे, तब भी उनका यह सपना पूरा होने वाला नहीं है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मणिशंकर अय्यर के बयान पर अपनी तरफ से किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं मणिशंकर अय्यर के बयान पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता हूं। एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि जो लोग भी भारत को हिंदू राष्ट्र की ओर ले जाना चाहते हैं, वो लोग भारत में विभाजन पैदा करना चाहते हैं। ऐसे लोग भारत को विभाजित करने की मंशा रखते हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे लोगों के संदर्भ में मैं यही कहना चाहता हूं कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। ऐसे में इसे विभाजित करने की मंशा रखने वाले लोग कभी सफल नहीं होंगे।

उन्होंने ओवैसी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी समुदाय से आने वाली द्रौपदी मुर्मू इस देश की राष्ट्रपति हो सकती है, तो एक हिजाब वाली महिला इस देश की प्रधानमंत्री क्यों नहीं हो सकती? निसंदेह भारत जैसे लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश में किसी भी संप्रदाय का व्यक्ति कोई भी चुनाव लड़ सकता है। इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए और न ही किसी को कोई शक।

वहीं, देवकीनंदन ठाकुर के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को नहीं पता है कि ब्रिटेन का प्रधानमंत्री भारतवंशी मूल का नागरिक रह चुका है। ऐसे में भला देवकीनंदन कैसे इस तरह का बयान दे सकते हैं? देश में शासन व्यवस्था संविधान के अनुरूप चलती है। ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर संवैधानिक व्यवस्था के तहत पहुंच सकता है, जिससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग भी देश को हिंदू राष्ट्र के नाम पर बांटने की कोशिश करते हैं, ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे होना चाहिए।

साथ ही, उन्होंने मेरठ की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि दिनदहाड़े एक दलित बेटी का अपहरण कर लिया गया। यह दिल दहला देने वाली घटना है, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है, यह दुखद है। पुलिस आरोपियों की मेहमाननवाजी कर रही है। मेरठ के लोगों ने जब अपना गुस्सा जाहिर किया, तो पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने दावा किया कि अगर मेरठ वाली घटना में आरोपी किसी अनुसूचित जाति वर्ग से होता, तो अब तक मुख्यमंत्री का बुलडोजर उनके घर पर चल चुका होता। आरोपी अनुसूचित जाति से नहीं हैं, इसलिए अभी तक मुख्यमंत्री का बुलडोजर उनके घर पर नहीं चला है। जब जाति देखकर के कार्रवाई होगी, तो स्वाभाविक रूप से अगर सीएम सिर के बल भी खड़े हो जाएंगे, तो अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होगी।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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