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'भारत-ईरान का संबंध पांच हजार साल पुराना है', अमेरिका के साथ संघर्ष के बीच बोले सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुलमजीद हकीम इलाही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई ताजा धमकियों और युद्ध की स्थिति को लेकर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की। अब्दुलमजीद ने बिहार की राजधानी पटना में अयातुल्लाह अली खामेनेई के लिए प्रार्थना की।
'भारत-ईरान का संबंध पांच हजार साल पुराना है', अमेरिका के साथ संघर्ष के बीच बोले सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुलमजीद हकीम इलाही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई ताजा धमकियों और युद्ध की स्थिति को लेकर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की। अब्दुलमजीद ने बिहार की राजधानी पटना में अयातुल्लाह अली खामेनेई के लिए प्रार्थना की।

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुलमजीद हकीम इलाही ने आईएएनएस से कहा, "अयातुल्लाह अली खामेनेई मुसलमानों के साथ-साथ धार्मिक नेताओं के भी आध्यात्मिक लीडर थे और वह बेजुबान लोगों की आवाज थे। सिर्फ शिया या अहले सुन्नत ही नहीं, बल्कि ज्यादातर और लाखों हिंदू और ईसाई भी उन्हें प्यार करते थे। जब से उनकी शहादत की खबर हर जगह फैली, लोग बाहर आए और उन्होंने अपनी हमदर्दी और खामेनेई के साथ अपनी एकजुटता दिखाई और उनके लिए बहुत सारे कार्यक्रम किए। लोग उनके लिए अपने आंसू बहा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि असल में, मैं जो कहना चाहता हूं, वह यह है कि इस तरह के प्रोग्राम राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हैं क्योंकि खामेनेई एक आध्यात्मिक नेता थे और कोई भी आध्यात्मिक नेता चाहे वह ईसाई हो या हिंदू या कोई और, जब वह गुजर गए या मारे गए, तो सभी लोग आएंगे और उनके लिए शोक मनाएंगे।

ट्रंप के मंगलवार वाली धमकी और ईरान में ताजा हालात को लेकर हकीम इलाही ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है, उन्होंने यह शायद कुछ दिन पहले भी जारी किया था। 10 दिन पहले उन्होंने कहा था कि सिर्फ 48 घंटे और उसके बाद उन्होंने इसे बदल दिया और अब 10 दिन हो गए हैं।"

उन्होंने कहा कि ये 10 दिन खत्म होने वाले हैं, हम देखेंगे कि क्या हो रहा है। असल में, यह युद्ध राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं है। यह सब जानते हैं कि यह युद्ध अमेरिकियों के हित में नहीं है। यह एक प्राइवेट युद्ध था और अब वे इसे संभाल रहे हैं और वे इससे बाहर निकलना चाहते हैं। लेकिन, उन्हें नहीं पता कि वे इससे कैसे बाहर निकल सकते हैं।

जब उनसे पूछा गया कि होर्मुज की हालत और जो कुछ भी हो रहा है, उसमें भारत की भूमिका को वो कैसे देखते हैं? उन्होंने कहा, "होर्मुज की हालत अभी की नहीं है, यह हजारों साल पहले की बात है। यह ईरान के नियंत्रण में था और उस पर उसका दबदबा था और अब वे इसे जारी रखेंगे। इस युद्ध से पहले कोई संकट, कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अब उन्होंने यह युद्ध खड़ा कर दिया है। होर्मुज की हालत के जरिए बहुत सारे संकट और समस्याएं खड़ी कर दी हैं। हमें उम्मीद है कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।"

भारत के साथ संबंध पर हकीम इलाही ने कहा कि भारत के साथ हमारे बहुत गहरे संबंध हैं। मैं कह सकता हूं कि भारत और ईरान के बीच दोस्ती भी इस समय बहुत अच्छी है और इसकी जड़ें 5,000 साल पुरानी हैं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

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