भारत-ब्रुनेई व्यापार 500 मिलियन डॉलर के पार, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर हमारा जोर : हाई कमिश्नर जैनी
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में ब्रुनेई दारुस्सलाम (ब्रुनेई) की उच्चायुक्त सिटी अर्नीफारिजा हाजी मोहम्मद जैनी ने भारत और ब्रुनेई के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों के भविष्य को सुखद बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार इस समय करीब 500 मिलियन डॉलर का है और इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी यह रफ्तार बरकरार रहेगी।
भारत और ब्रुनेई के बीच व्यापार को लेकर हाई कमिश्नर जैनी ने कहा, "दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार करीब 500 मिलियन डॉलर का है। यह कारोबार साल-दर-साल बढ़ रहा है और ब्रुनेई को उम्मीद है कि भविष्य में भी यह वृद्धि जारी रहेगी।"
जैनी ने भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों में मौजूद संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "ब्रुनेई और भारत स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय स्तर के साथ-साथ आसियान के स्तर पर भी सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। भारत और ब्रुनेई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में पहले से ही अच्छे संबंध हैं और दोनों एक दूसरे का सहयोग भी करते हैं।" हालांकि, उन्होंने ऊर्जा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में भी सहयोग की व्यापक संभावनाओं की ओर इशारा किया।
हाई कमिश्नर ने कहा, "दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम एनर्जी के क्षेत्र में भी मिलकर काम कर सकते हैं। उम्मीद है कि भारत और ब्रुनेई इस दिशा में भविष्य में अपने सहयोग को और मजबूत करेंगे।"
ब्रुनेई आसियान का सदस्य देश है, और भारत के साथ उसके संबंधों में व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंध 10 मई 1984 को स्थापित हुए थे, और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में प्रगाढ़ संबंध हैं। 2024 में राजनयिक संंबंधों के 40 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रुनेई गए थे, और ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ब्रुनेई यात्रा थी। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'संवर्धित साझेदारी' का दर्जा दिया गया।
ब्रुनेई भारत को कच्चे तेल और एलएनजी का नियमित निर्यात करता है। वहीं, भारत ने ब्रुनेई के हाइड्रोकार्बन सेक्टर में महत्वपूर्ण निवेश किया है। दोनों देशों ने 2016 में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारतीय नौसेना के जहाज अक्सर ब्रुनेई का दौरा करते हैं और समुद्री सुरक्षा पर सहभागिता बढ़ाई जा रही है। अंतरिक्ष प्रोद्योगिकी की बात करें तो इसरो ने ब्रुनेई में टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड ग्राउंड स्टेशन स्थापित किया है, जो अंतरिक्ष सहयोग का एक मुख्य केंद्र है।
ब्रुनेई में लगभग 14,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें डॉक्टर, शिक्षक और विभिन्न पेशेवर शामिल हैं, जिन्होंने वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
--आईएएनएस
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