Samachar Nama
×

भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई गति देगा संघीय चांसलर स्टॉकर का दौरा

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर 14 से 17 अप्रैल 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा कई मायनों में खास है, क्योंकि यह चांसलर स्टॉकर की भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई गति देगा संघीय चांसलर स्टॉकर का दौरा

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर 14 से 17 अप्रैल 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा कई मायनों में खास है, क्योंकि यह चांसलर स्टॉकर की भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और पर्यटन से जुड़े मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर स्टॉकर के बीच व्यापक वार्ता होगी, जिसमें दोनों देश द्विपक्षीय सहयोग को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर जोर देंगे। बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा। बहुपक्षीय मंचों पर तालमेल बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी, चांसलर स्टॉकर के सम्मान में एक औपचारिक दोपहर भोज का आयोजन भी करेंगे, जो इस यात्रा के कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।

अपने प्रवास के दौरान चांसलर स्टॉकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी उनकी बैठक तय है। इन उच्चस्तरीय मुलाकातों के जरिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक संवाद को और मजबूत करने की कोशिश होगी।

भारत और ऑस्ट्रिया के संबंध लंबे समय से सौहार्दपूर्ण और बहुआयामी रहे हैं, जिनकी नींव साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी है। जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाई दी थी और अब चांसलर स्टॉकर का यह दौरा उसी गति को आगे बढ़ाने का संकेत दे रहा है। यह यात्रा न केवल मौजूदा सहयोग को गहरा करेगी, बल्कि नए क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर भी खोलेगी, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और व्यापक तथा मजबूत बन सकते हैं।

--आईएएनएस

केआर/

Share this story

Tags