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भांगड़ विधानसभा सीट: ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने 32 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दक्षिण 24 परगना जिले की भांगड़ सीट पर उलटफेर देखने को मिला। ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने टीएमसी उम्मीदवार सौकत मुल्ला को 32088 वोटों से हरा दिया। सिद्दीकी को 126555 और सौकत को 94467 वोट मिले, वहीं तीसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार जयंता गायेन को 30177 वोट मिले।
भांगड़ विधानसभा सीट: ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने 32 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दक्षिण 24 परगना जिले की भांगड़ सीट पर उलटफेर देखने को मिला। ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट उम्मीदवार नवसाद सिद्दीकी ने टीएमसी उम्मीदवार सौकत मुल्ला को 32088 वोटों से हरा दिया। सिद्दीकी को 126555 और सौकत को 94467 वोट मिले, वहीं तीसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार जयंता गायेन को 30177 वोट मिले।

भांगड़ एक सामान्य विधानसभा क्षेत्र है, जो जादवपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में भांगड़ द्वितीय ब्लॉक पूरा और भांगड़ प्रथम ब्लॉक की जगुलगाछी, नारायणपुर व प्राणगंज ग्राम पंचायतें शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर इसे भंगाओरे भी कहा जाता है। यह सीट 1951 में अस्तित्व में आई और तब से अब तक हुए सभी विधानसभा चुनावों में हिस्सा ले चुकी है। शुरुआती चुनाव (1952) में यह एक संयुक्त सीट थी, जहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया दोनों को विजेता घोषित किया गया था।

राजनीतिक रूप से यहां कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) का लंबे समय तक दबदबा रहा, जिसने आठ बार जीत हासिल की और 1972 से 2001 तक लगातार सीट अपने पास रखी। तृणमूल कांग्रेस ने भी दो बार जीत दर्ज की, जबकि अन्य दलों—जैसे बंगला कांग्रेस, निर्दलीय और इंडियन सेक्युलर फ्रंट को भी यहां सफलता मिली।

2006 में तृणमूल कांग्रेस ने मामूली अंतर से सीपीआईएम का वर्चस्व तोड़ा, लेकिन 2011 में वामपंथ ने सीट वापस जीत ली। 2016 में टीएमसी ने फिर जीत हासिल की। सबसे बड़ा बदलाव 2021 में देखने को मिला, जब नौशाद सिद्दीकी (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) ने टीएमसी उम्मीदवार को 26,151 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। हालांकि, विधानसभा चुनावों में उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने इस क्षेत्र में लगातार बढ़त बनाई है। 2019 में 1.11 लाख वोटों से आगे रही, जो 2024 में घटकर करीब 41 हजार रह गई।

यहां मुस्लिम मतदाता लगभग 65.9 फीसदी हैं, जबकि अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 18.57 फीसदी है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जहां केवल लगभग 6 फीसदी शहरी मतदाता हैं। वोटिंग प्रतिशत भी काफी ऊंचा रहता है। 2021 में 89.07, 2019 में 85.60 और 2016 में 88.02 फीसदी मतदान दर्ज हुआ।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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