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भाजपा की उल्टी गिनती शुरू, खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति न हो: भाई जगताप

भाजपा की उल्टी गिनती शुरू, खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति न हो: भाई जगताप
भाजपा की उल्टी गिनती शुरू, खिलाड़ियों के मुद्दों पर राजनीति न हो: भाई जगताप

मुंबई, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य भाई जगताप ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन, पूर्व मुक्केबाज विजेंदर सिंह की टिप्पणियों, पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े मामले, बांकीपुर उपचुनाव, राम मंदिर दान विवाद, सिद्धिविनायक मंदिर दान मामले, महाराष्ट्र की महायुति सरकार में कथित तनाव और सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को लेकर उठे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में राजनीतिक माहौल बदल रहा है और जनता अब भाजपा के खिलाफ संदेश दे रही है।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन पर राहुल गांधी और कांग्रेस की कथित चुप्पी को लेकर पूर्व बॉक्सर विजेंदर सिंह द्वारा उठाए गए सवालों पर भाई जगताप ने कहा कि विजेंदर सिंह एक सम्मानित खिलाड़ी हैं और उन्हें हर मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने खिलाड़ियों द्वारा जीते गए हर पदक पर सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी है। राहुल गांधी हमेशा खिलाड़ियों के हितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और खिलाड़ियों की आवाज उठाते रहे हैं।

उन्होंने विजेंदर सिंह से सवाल करते हुए कहा कि जब महिला पहलवान कथित उत्पीड़न के खिलाफ लंबे समय तक धरने पर बैठी थीं और देश के लिए पदक जीतने वाली बेटियां न्याय की मांग कर रही थीं, तब विजेंदर सिंह की ओर से कोई मुखर प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। खिलाड़ियों के सम्मान के मुद्दे पर सभी को समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।

बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के सवाल पर भाई जगताप ने कहा कि मौजूदा दौर में कुछ भी संभव दिखाई देता है। जिन महिला खिलाड़ियों ने स्वयं सामने आकर अपने साथ कथित उत्पीड़न की बात कही थी, उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन हाल के कुछ न्यायिक आदेशों को देखकर उन्हें आश्चर्य होता है। देश का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर भाई जगताप ने दावा किया कि यह परिणाम भाजपा के खिलाफ जनता के बदलते मूड का संकेत है। भाजपा पहले चुनाव आयोग और ईवीएम के सहारे चुनाव जीतती रही, लेकिन अब जनता सब समझ चुकी है। यह परिणाम भाजपा की उल्टी गिनती की शुरुआत का संदेश है। उन्होंने प्रशांत किशोर को भी बधाई देते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक चेतना मजबूत हो रही है।

राम मंदिर दान से जुड़े कथित विवाद और राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भाई जगताप ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर के नाम पर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष के नेता किसी मुद्दे को प्रतीकात्मक तरीके से उठाते हैं तो उसके जवाब में एफआईआर दर्ज करना राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाता है। जनता सब देख रही है और भविष्य में इसका राजनीतिक जवाब देगी। एफआईआर दर्ज होने से कथित अनियमितताओं के आरोप खत्म नहीं हो जाएंगे और यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो वह एक दिन सामने आएगी।

सिद्धिविनायक मंदिर में दान को लेकर लगाए गए आरोपों पर भाई जगताप ने कहा कि यदि किसी ने तथ्यात्मक आधार पर आरोप लगाए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महाराष्ट्र संतों और धार्मिक परंपराओं की भूमि है और सिद्धिविनायक, मुंबा देवी सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आशंका है तो उसकी पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में तनाव की चर्चाओं पर भाई जगताप ने कहा कि यदि सरकार के अपने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की नौबत आती है तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि गठबंधन के भीतर मतभेद मौजूद हैं। यदि तीन दलों वाली सरकार के सहयोगियों के बीच ही टकराव दिखाई दे रहा है तो यह बताता है कि सब कुछ सामान्य नहीं है।

अभिजीत दीपके और उनके नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए भाई जगताप ने कहा कि उन्होंने अहिंसक तरीके से लोकतांत्रिक आंदोलन चलाकर सरकार को झुकाने का प्रयास किया और यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। संविधान और गांधीवादी तरीकों के माध्यम से भी सरकार से जवाबदेही तय कराई जा सकती है और इस आंदोलन ने पूरे देश के युवाओं को नया संदेश दिया है।

अभिजीत दीपके की संपत्ति और अमेरिका में पढ़ाई को लेकर दाखिल आरटीआई के सवाल पर भाई जगताप ने कहा कि यदि किसी ने सूचना मांगी है तो उसका जवाब मिलना चाहिए। दीपके पिछले करीब दो वर्षों से विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं और उनके माता-पिता ने अपनी जीवनभर की पूंजी उनकी शिक्षा पर खर्च की है। आरटीआई कानून पारदर्शिता के लिए बनाया गया था, लेकिन कई बार आम लोगों को सरकार और मंत्रियों से जुड़ी जानकारी नहीं मिलती। इसलिए आरटीआई का दुरुपयोग भी नहीं होना चाहिए और न ही सूचना देने में भेदभाव होना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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