भाजपा के लोकतंत्र बचाओ मार्च पर भड़के उदित राज, बोले- सत्ता में रहकर अराजकता फैला रही है सरकार
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस की रैली से पहले बीजेपी द्वारा निकाले जा रहे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च पर कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी पर दोहरी भूमिका निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार में रहकर भी वह विपक्ष जैसा व्यवहार कर रही है।
उदित राज ने कहा, "बीजेपी सरकार में भी है और विपक्ष में भी है, दोनों कैसे हो सकता है? ये दोनों होने के चक्कर में ही देश बर्बाद हुआ है और जनता गुमराह हो रही है।"
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष में होने के नाते बीजेपी को विकास पर ध्यान देना चाहिए और लोगों की समस्याओं को सुनना चाहिए। लेकिन सरकार में रहकर वह अराजकता फैला रही है। कभी तिरंगा यात्रा, कभी पदयात्रा तो कभी रोड शो कर रही है।
उन्होंने कबीरदास का दोहा कहते हुए तंज कसा, "ये तो उल्टा है। कबीर जी की साखी याद आती है - कबीरदास की उल्टी वाणी, बरसे कंबल भीगे पानी। सत्ता में हो तो सत्ता का काम करो।" उदित राज ने कहा कि व्यापारी डरे हुए हैं। जीएसटी, इनकम टैक्स और पुलिस के डर से वे रैली में आएंगे। रैली में भारतीय जनता पार्टी के अंधभक्त भी पहुंचेंगे।
सोनिया गांधी की आने वाली किताब 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' को लेकर उदित राज ने कहा कि इसका सभी को इंतजार है। सोनिया गांधी के खिलाफ बहुत सारे लांछन लगाए गए, बहुत दुष्प्रचार हुआ और आरएसएस, बीजेपी और खुद पीएम द्वारा गलत फैक्ट्स रखे गए।
उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी की कलम से अब सच्चाई निकलकर सामने आएगी। हम सभी को इसका इंतजार है। यह अच्छी बात है और इससे कई लोगों को तमाचा लगेगा। मेरी शुभकामना है कि यह किताब बेस्टसेलर में से एक हो।"
दिल्ली में शराब की दुकानों पर कतार से बचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग ऐप लॉन्च किए जाने पर उदित राज ने कहा कि सरकार व्यवस्था जैसे भी करे, लेकिन सवाल यह है कि जिसके पास ऐप नहीं है, वह क्या करेगा?
उन्होंने कहा कि सरकार को और दुकानें और आउटलेट खोलने चाहिए, क्योंकि इससे रेवेन्यू आता है। बिना रेवेन्यू के एजुकेशन नहीं होगा, डेवलपमेंट नहीं होगा और सरकार के तमाम खर्चे नहीं चल पाएंगे।
कर्नाटक और वाराणसी में हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने कहा कि चुनाव में कोई हारता है तो कोई जीतता है। वाराणसी में पीएम मोदी लोकसभा चुनाव भी हारे थे। शुरुआत में वह ट्रेल कर रहे थे, फिर काउंटिंग रोकी गई। अजय राय खुद कहते हैं कि वह बेईमानी से जीते हैं। अब एमएलसी चुनाव में तो यह बात साबित हो गई है कि बनारस के लोग पीएम मोदी को पसंद नहीं करते हैं, अब उनको वापस गुजरात चले जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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