भाजपा 4 नवंबर को चंडीगढ़ में आयोजित करेगी सिख सम्मेलन, 1984 के सिख-विरोधी दंगों पर फोकस
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 4 नवंबर को चंडीगढ़ में सिखों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रही है। इस सम्मेलन में मुख्य रूप से 1984 के सिख-विरोधी दंगों, पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके परिवारों द्वारा लड़ी गई कानूनी लड़ाइयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
भाजपा के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, दिन भर चलने वाला यह सम्मेलन 1984 की हिंसा के पीड़ितों और उनके परिवारों को समर्पित होगा। इसमें कई सत्र होंगे, जिनमें दंगों, उसके बाद चली कानूनी कार्यवाही और न्याय पाने की कोशिशों पर चर्चा की जाएगी।
पार्टी इस कार्यक्रम में सिख-विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों को आमंत्रित करने की योजना बना रही है। सूत्रों ने बताया कि इसमें दंगों से जुड़े मामलों में पीड़ितों के परिवारों की ओर से पेश होने वाले वकील और इन मामलों में फैसला सुनाने वाले जज भी शामिल हो सकते हैं।
इस प्रस्तावित सम्मेलन में कई सत्र होंगे, जिनमें वक्ता 1984 के दंगों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इनमें कानूनी कार्रवाई, न्याय के लिए संघर्ष और प्रभावित परिवारों के अनुभव शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पंजाब यात्रा के समय ही आयोजित किया जा रहा है, जिससे राज्य में भाजपा की इस पहल को एक राजनीतिक रंग भी मिल गया है।
1984 के सिख-विरोधी दंगे पंजाब में एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा हैं। इन दंगों और उसके बाद पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रयासों को लेकर भाजपा अक्सर कांग्रेस की आलोचना करती रही है। उम्मीद है कि भाजपा इस मंच का इस्तेमाल इस मुद्दे को उजागर करने और प्रभावित परिवारों के लिए जवाबदेही और न्याय पर अपना रुख दोहराने के लिए करेगी।
यह कार्यक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले हो रहा है। भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाना चाहती है और सिख मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
पीड़ित परिवारों और कानूनी कार्रवाई से जुड़े लोगों को एक साथ लाकर, पार्टी सिख समुदाय के साथ जुड़ने के साथ-साथ न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से सामने लाना चाहती है। इस कार्यक्रम का आधिकारिक शेड्यूल, वक्ताओं की सूची और इसमें शामिल होने वाले लोगों के नामों की घोषणा अभी बाकी है।
--आईएएनएस
ओपी/एबीएम

