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भजन क्लबिंग में जेन-जी के बीच दिखे पीएम मोदी, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर पूछा-क्या आपने पैर थपथपाए?

भजन क्लबिंग में जेन-जी के बीच दिखे पीएम मोदी, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर पूछा-क्या आपने पैर थपथपाए?
भजन क्लबिंग में जेन-जी के बीच दिखे पीएम मोदी, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर पूछा-क्या आपने पैर थपथपाए?

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग अंदाज शुक्रवार शाम को देखने को मिला। वे दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में जेन-जी युवाओं के बीच पहली पंक्ति में बैठे नजर आए। इस दौरान वे भक्ति गीतों की धुन पर ताली बजाते और खंजरी बजाते दिखे।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर इस कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया और कैप्शन में लिखा, "क्या इसे देखते हुए आपने अपने पैर थपथपाए?"

दरअसल, 'भजन क्लबिंग' युवाओं, खासकर जेन-जी के बीच तेजी से उभरता हुआ एक आध्यात्मिक ट्रेंड है। इसमें पारंपरिक भजनों और कीर्तनों को आधुनिक संगीत और अंदाज में पेश किया जाता है, ताकि युवा पीढ़ी भक्ति से जुड़ सके। इसी कड़ी में शुक्रवार को भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मंच के सामने दर्शकों के बीच बैठे हैं, जबकि मंच पर गायक और संगीतकार भक्ति गीत गा रहे हैं। पीएम मोदी पूरे भक्ति भाव में लीन होकर ताली बजाते नजर आ रहे हैं।

इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राष्ट्र सेवा के सच्चे अनुयायी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर मेरी श्रद्धांजलि। उन्होंने समाज के सबसे निचले तबके के व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और हमें अंत्योदय का दर्शन दिया, जो आज भी जन कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।"

पीएम ने नागरिकों से उनके विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा, "आइए, इस विशेष अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने और अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के अपने संकल्प को दोहराएं।"

दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक थे। उन्होंने हिंदुत्व पुनरुत्थान के लिए 1940 के दशक में 'राष्ट्र धर्म' नामक मासिक पत्रिका की शुरुआत की थी।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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