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भगवंत मान ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात, ‘लोकतंत्र की हत्या’ के खिलाफ उठाई आवाज

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भेंट की।
भगवंत मान ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात, ‘लोकतंत्र की हत्या’ के खिलाफ उठाई आवाज

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भेंट की।

मुलाकात के बाद भगवंत मान ने एक्स पर लिखा कि आज दिल्ली में उन्होंने राष्ट्रपति के सामने देश में हो रही “लोकतंत्र की हत्या” के खिलाफ मजबूती से आवाज बुलंद की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि असंवैधानिक तरीके से राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है और प्रवर्तन निदेशालय तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर दागी नेताओं को भाजपा की “वाशिंग मशीन” में साफ किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक ढांचे के साथ सीधा खिलवाड़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में “ऑपरेशन लोटस” जैसी चालें कभी सफल नहीं होंगी। उनके अनुसार, राज्य के विधायक लाखों पंजाबियों की आवाज हैं और पंजाबी कभी भी गद्दारी बर्दाश्त नहीं करते।

उन्होंने कहा, “आपका लोक सेवक होने के नाते मैं हर पंजाबी को विश्वास दिलाता हूं कि हम जनता के जनादेश और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे।”

इसके साथ ही, आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा समेत अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की। मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने एक्स पर लिखा कि मंगलवार सुबह हमें राष्ट्रपति से मिलने का सम्मान मिला, जहां हम तीन अन्य सांसदों के साथ उपस्थित थे।

राघव चड्ढा ने कहा कि हमने उन्हें अवगत कराया कि आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार हमारे संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने पर हमें निशाना बनाने के लिए राज्य मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, खासकर तब जब दो-तिहाई सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय का निर्णय लिया। जो पार्टी कभी प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाती थी, वही आज उसका सबसे विषाक्त रूप अपना रही है।

उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रपति के इस आश्वासन से बल मिला कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

डीएससी

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