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बेंगलुरु निवासी का वीडियो वायरल: 50,000 रुपये किराए में भी नहीं मिलता समय, सोशल मीडिया पर मचा हल्ला

बेंगलुरु निवासी का वीडियो वायरल: 50,000 रुपये किराए में भी नहीं मिलता समय, सोशल मीडिया पर मचा हल्ला

बेंगलुरु के एक निवासी शुभम लोंढे ने हाल ही में अपने जीवन और वर्क कल्चर को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने खुलासा किया कि शहर में सुविधाओं से लैस अपार्टमेंट में रहने के बावजूद उनके पास अपने जीवन का आनंद लेने का समय मुश्किल से ही मिलता है।

शुभम लोंढे ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बताया कि वह एक ऐसे अपार्टमेंट में रहते हैं जिसमें स्विमिंग पूल, जिम, स्नूकर एरिया और अन्य आधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं। आम तौर पर लोग इस तरह के अपार्टमेंट में रहने को बहुत पसंद करते हैं और इसे जीवन की गुणवत्ता का संकेत मानते हैं। लेकिन शुभम के अनुसार, उनके व्यस्त शेड्यूल और काम की व्यस्तता के कारण उन्हें इन सुविधाओं का उपयोग करने का समय ही नहीं मिलता।

वीडियो में शुभम ने साफ शब्दों में कहा, “बस मेरे पास टाइम नहीं है।” उन्होंने आगे बताया कि रोजमर्रा की जिंदगी की भाग-दौड़ और काम का दबाव इतना अधिक है कि अपार्टमेंट की सारी सुविधाओं का मज़ा उठाना उनके लिए लगभग असंभव हो गया है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दी हैं। कई लोगों ने लिखा कि यह “आधुनिक जीवन का सच है—सुविधाएँ हों या न हों, समय और मानसिक शांति का महत्व इससे भी ज्यादा है।” कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “50,000 रुपये महीने का किराया देने के बाद भी अगर टाइम नहीं है तो यह वाकई में महंगी परेशानियाँ हैं।”

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी जीवन और वर्क कल्चर में समय की कमी और तनाव आम समस्या बन गई है। लोग भले ही आधुनिक अपार्टमेंट में रहते हों और महंगे किराए का भुगतान कर रहे हों, लेकिन उनकी प्राथमिकता अक्सर काम और व्यस्तताओं पर हो जाती है। इस कारण व्यक्तिगत जीवन, स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए समय मिलना कठिन हो जाता है।

बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। यहां रहने वाले लोग आमतौर पर लंबी दूरी की यात्रा, ऑफिस की व्यस्तता और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच फंस जाते हैं। ऐसे में चाहे स्विमिंग पूल हो या जिम, सुविधाओं का लाभ उठाने का समय ही नहीं मिलता।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने यह संदेश भी दिया है कि ज्यादा सुविधाएँ होने का मतलब खुशहाल जीवन नहीं होता। जीवन में असली संतोष और आराम के लिए समय और मानसिक शांति जरूरी है। यह वीडियो शहरी जीवन की इस वास्तविकता को उजागर करता है।

संक्षेप में, शुभम लोंढे का यह वीडियो न केवल बेंगलुरु बल्कि अन्य महानगरों में रहने वाले लोगों के लिए भी एक सोचने वाला संदेश है। सुविधाओं और महंगे अपार्टमेंट के पीछे छिपी व्यस्तता और समय की कमी को देखकर यह साफ है कि आधुनिक जीवन में संतुलन बनाना कितना जरूरी है।

अंततः, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर लोगों को यह याद दिलाता है कि पैसे और सुविधाएँ हों या न हों, समय और संतुलन का मूल्य ही असली संपत्ति है।

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