बेंगलुरु आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल केस में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी को सुनाई सजा
नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के बेंगलुरु में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने 2020 के आईएसआईएस से जुड़े टेरर साजिश मामले में एक मुख्य आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई है।
इस मामले में मोहम्मद हनीफ खान को सात साल की कठोर कैद और 48,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वह इस मामले में दोषी ठहराए जाने वाले पहले आरोपी हैं। इस मामले में एनआईए ने अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और उन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हनीफ, जिसने अक्टूबर 2025 में शुरू हुए ट्रायल के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, उस रेकी टीम का हिस्सा पाया गया था, जो कर्नाटक के चामराजनगर जिले के शिवनसमुद्र इलाके और गुंड्लुपेट इलाके में गई थी। इस टीम का मकसद अल-हिंद के सदस्यों के लिए ट्रेनिंग और छिपने के ठिकाने बनाने के लिए घने जंगलों में स्थान खोजना था। इस साजिश का मकसद आईएसआईएस/दाएश विलायत (प्रांत) बनाना था।
एनआईए की जांच के अनुसार, इस साजिश का मास्टरमाइंड इस मामले का मुख्य आरोपी महबूब पाशा था, जिसने गुरुप्पनापाल्या स्थित अपने घर पर कई बैठकें की थीं। इन बैठकों में टारगेटेड किलिंग (चुनिंदा लोगों की हत्या) करके सांप्रदायिक दंगे फैलाने और प्रतिबंधित आईएसआईएस आतंकी संगठन के देश-विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने की साजिश रची गई थी।
एनआईए ने यह भी पाया कि पाशा ने अपने रिश्तेदारों/सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस इलाके में आईएसआईएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए हथियार और विस्फोटक जुटाने की साजिश रची थी। असल में पाशा ने हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हनीफ को दो पिस्तौल और 60 जिदा कारतूस दिए थे।
इसके अलावा, हनीफ ही वह व्यक्ति था, जिसने साज़िश के तहत कई आरोपियों को किराए की कार में बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल पहुंचाया था। यह मामला मूल रूप से 10 जनवरी 2020 को बेंगलुरु शहर में कर्नाटक राज्य पुलिस ने दर्ज किया था और कुछ दिनों बाद एनआईए ने इसे अपने हाथ में ले लिया। मामले की जारी जांच के तहत एनआईए उस ऑनलाइन हैंडलर का पता लगाने की भी कोशिश कर रही है, जिसने इस साजिश में शामिल मॉड्यूल को बनाने की योजना बनाई और साजिश रची थी।
--आईएएनएस
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