पश्चिम बंगाल से टीएमसी की विदाई तय, जनता से सीएम ममता बनर्जी को नहीं मिलेगी सहानुभूति: दिनेश शर्मा
लखनऊ, 13 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। ममता बनर्जी को जवाब देते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि बंगाल से विदाई तय है, अब उन्हें जनता से सहानुभूति नहीं मिलेगी।
लखनऊ में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि अभी सीएम ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर प्रेस वार्ता कर रही हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद जब विधानसभा चुनाव में उनका सूपड़ा साफ होगा तो फिर से प्रेस वार्ता करेंगी।
उन्होंने दावा किया कि बंगाल में सीएम ममता बनर्जी का जनाधार तेजी से समाप्त हो रहा है। उनकी गलत नीतियों के कारण ममता बनर्जी अब भ्रष्टाचार और जोर-जबरदस्ती की पर्याय बन गई हैं। चुनाव आने तक वे नए-नए पैंतरे अपनाएंगी, लेकिन अब जनता से उन्हें सहानुभूति मिलने वाली नहीं है।
भाजपा सांसद ने आर्मी चीफ के बयान पर कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहता है, यह उसकी जानी-मानी विदेश नीति है। हालांकि, अगर बॉर्डर पर कोई संदिग्ध गतिविधि होती है तो भारत पूरी तरह से सतर्क रहता है और उचित जवाब देने के लिए तैयार है। मैं सेना के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मुझे पता है कि अगर पाकिस्तान ने कोई बेवकूफी की तो उसे बहुत कड़ा जवाब मिलेगा।
भगवान राम को लेकर सपा नेता के बयान पर भाजपा सांसद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सोच सच में राम जैसी समाजवादी होती तो समाजवादी पार्टी के बड़े नेता के कार्यकाल में राम भक्तों पर गोली क्यों चलाई गई? और तो और, पार्टी के नेता अपने परिवार के साथ राम मंदिर कभी क्यों नहीं गए? राम तो भाषणों में हो सकते हैं, लेकिन व्यवहार में भी दिखते हैं और वे सपा नेताओं में से गायब हैं। फिर भी आप कहते हैं कि वे सही हैं।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र ने जातिवाद को सबसे पहले खत्म किया था। उन्होंने रावण से युद्ध लड़ने के लिए अपनी क्षत्रिय सेना नहीं बुलाई, बल्कि वानर सेना को साथ लेकर रावण पर विजय प्राप्त की।
उन्होंने सपा नेता को सलाह देते हुए कहा कि श्री राम को सही रूप में समझने की कोशिश करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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