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बंगाल: रिजु दत्ता ने गंभीर आरोप लगाए- 'टीएमसी को चला रही थी आईपैक, टिकट के बदले मांगे 50 लाख'

कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 6 महीने से टीएमसी को आईपैक चला रही थी। रिजु दत्ता ने चुनाव के लिए टिकट के लिए पैसे मांगने के भी आरोप लगाए हैं।
बंगाल: रिजु दत्ता ने गंभीर आरोप लगाए- 'टीएमसी को चला रही थी आईपैक, टिकट के बदले मांगे 50 लाख'

कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 6 महीने से टीएमसी को आईपैक चला रही थी। रिजु दत्ता ने चुनाव के लिए टिकट के लिए पैसे मांगने के भी आरोप लगाए हैं।

रिजु दत्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पश्चिम बंगाल में पिछले 6 महीने से आईपैक ही तृणमूल कांग्रेस को चली रही थी। मेरा टिकट तय था और मुझे इस बारे में बता भी दिया गया था, लेकिन बाद में मुझसे 50 लाख रुपए मांगे गए। मेरे पास पैसे नहीं थे, रात में पत्नी और मां ने अपने गहने मुझे दिए थे, जिन्हें मैंने सुबह वापस कर दिया। मैं 50 लाख रुपए नहीं दे पाया और इसलिए टिकट नहीं मिला।"

उन्होंने बताया कि टीएमसी की ओर से नहीं, बल्कि आईपैक की ओर से 50 लाख रुपए की मांग की गई। प्रतीक जैन ने यह पैसे नहीं मांगे। अर्जुन नाम के शख्स ने रकम मांगी थी।

रिजु दत्ता ने कहा कि मैं 13 साल से टीएमसी के साथ था और अपनी पार्टी के लिए बहुत मेहनत की। पार्टी ने मुझे पहचान और सम्मान दिया, लेकिन 4 मई को सत्ता परिवर्तन के बाद सीपीएम के गुंडे टीएमसी छोड़कर भाजपा में चले गए और उन्होंने ही दंगा किया। पुराने भाजपा नेताओं ने कोई हिंसा नहीं की।

पूर्व प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मेरी मां और पत्नी के पास फोन-मैसेज आए। पत्नी के साथ सामूहिक बलात्कार करने और मुझे मारने की धमकी दी गई। मेरे बीमार ससुर पर हमला हुआ। उन्होंने कहा, "उस समय टीएमसी से किसी ने भी मेरा फोन नहीं उठाया। दिल्ली और बंगाल के भाजपा नेताओं ने मेरा फोन उठाया। मैंने सिर्फ अपने परिवार को बचाने के लिए भाजपा नेताओं से संपर्क किया और उसके बाद उनका धन्यवाद दिया। महज इसी कारण मुझे पार्टी से निकाला गया है।"

रिजु दत्ता ने आगे कहा, "सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या कर दी गई। उस समय मुझे भी एक फोन आया। उस फोन कॉल के बाद मैंने बंगाल को छोड़ दिया। मैं पूरे परिवार के साथ दिल्ली चला गया, क्योंकि मुझे जान का खतरा था।"

उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने हैं। वे भाजपा के नहीं, पूरे बंगाल के मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उन्होंने अपने मुख्यमंत्री बनने से पहले अपना सबसे बड़ा काम किया। अगर पीए की हत्या के बाद नर्सिंग होम के बाहर आकर सुवेंदु अधिकारी बोलते कि बदला लिया जाएगा तो उस रात को 5 हजार टीएमसी कार्यकर्ताओं की लाशें गिर जातीं, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने के लिए कहा। सुवेंदु अधिकारी ने सीएम बनने से पहले ही हजारों टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बचाई है। यह सबसे बड़ा काम था।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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