Samachar Nama
×

बंगाल में गुंडाराज खत्‍म करने के लिए डबल इंजन सरकार आवश्यकः सीएम योगी

उत्तर 24 परगना, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है।
बंगाल में गुंडाराज खत्‍म करने के लिए डबल इंजन सरकार आवश्यकः सीएम योगी

उत्तर 24 परगना, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है।

उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी चुप है। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी।

उन्‍होंने कहा कि भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।

सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, आध्यात्म और देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।

उन्‍होंंने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।

सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी

Share this story

Tags