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पश्चिम बंगाल में बनेगी भाजपा की सरकार, सुधारेंगे चाय बागान मजदूरों की स्थिति: मनोज तिग्गा

कोलकाता, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने दावा किया है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर चाय बागान मजदूरों की स्थिति, जो इस वक्त दयनीय बनी हुई है, सुधारी जाएगी।
पश्चिम बंगाल में बनेगी भाजपा की सरकार, सुधारेंगे चाय बागान मजदूरों की स्थिति: मनोज तिग्गा

कोलकाता, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने दावा किया है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर चाय बागान मजदूरों की स्थिति, जो इस वक्त दयनीय बनी हुई है, सुधारी जाएगी।

कोलकाता में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि वह चाय बागान मजदूरों के साथ भेदभाव कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि चाय बागान मजदूर दिन-रात, महीने-दर-महीने काम करते हैं, लेकिन उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है। पिछले 34 सालों में एक के बाद एक चाय बागान बंद हो गए हैं। पिछली सरकारों के राज में मजदूरों को दबाया और उनका शोषण किया गया। टीएमसी की सरकार बनने के बाद हमें उम्मीद थी कि चाय बागानों की हालत में सुधार होगा, लेकिन सुधार के बजाय चाय बागानों की स्थिति दिन-ब-दिन और खराब होती गई। एक के बाद एक चाय बागान बंद होते रहे।

मनोज तिग्गा ने कहा कि खुले चाय बागानों की हालत तो बद से बदतर है। कई बार आंदोलन किया, पुलिस थाने में शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। चाय बागान मजदूर भाजपा के साथ हैं, इसीलिए टीएमसी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। उनका पीएफ का पैसा नहीं जमा हो रहा है।

उन्होंने पीएम मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी की योजनाओं से यहां मजदूरों को राशन, जल, गैस सिलेंडर, और शौचालय की व्यवस्था मिल रही है। अगर ये योजनाएं नहीं होतीं तो मजदूरों की हालत और खराब होती। बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में मजदूर सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं। हम एक ठोस नीति बनाकर उन्हें एक रास्ते पर लेकर आएंगे और मजदूरों की स्थिति सुधारने का काम करेंगे।

एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से किसी भी मजदूर का नाम नहीं कटेगा। जो दस्तावेज मांगे गए हैं, मजदूर अपना पीएफ नंबर भी दाखिल कर सकते हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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