'बंगाल का फैसला भाजपा के पक्ष में', अधीर रंजन चौधरी के बयान पर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद का जवाब
पटना, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के मुस्लिम मतदाताओं को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता मुख्य धारा में रहकर ही वोट करेंगे और इस बार बंगाल का फैसला भाजपा के पक्ष में होगा।
कांग्रेस की बंगाल इकाई के नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनावों को लेकर दावा किया कि मुसलमान टीएमसी या कांग्रेस में से किसी एक को वोट देंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जीतने की कितनी संभावना है।
इस पर राजीव रंजन प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अधीर रंजन चौधरी सबसे पहले तो कांग्रेस के डूबते जहाज पर कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। असल में टीएमसी और कांग्रेस दोनों ही 'इंडी' गठबंधन का हिस्सा हैं, फिर भी वे एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इतना तय है कि मुसलमान देश के अन्य धर्मावलंबियों की तरह ही वोट करेंगे। उन्हें पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर यकीन नहीं है। शायद इसीलिए कई ऐसे किरदार पैदा हुए हैं, जो मुसलमानों की रहनुमायी का दावा कर रहे हैं। फिर भी फैसला रोजगार, विकास, बंद पड़ी फैक्ट्रियों को कौन शुरू कर सकता है, जैसे मुद्दों पर होगा। मुसलमान भी मुख्य धारा में रहकर ही वोट करेंगे। बंगाल का फैसला भाजपा के पक्ष में जाता हुआ दिखाई दे रहा है।"
उन्होंने ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया कि 'पीओके जल्द भारत में आ जाएगा।'
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर भारत का एक हिस्सा है। कई मौकों पर, भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपने रुख को दोहराया है। और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर के लोगों का मौजूदा नजरिया यह है कि कश्मीर में जिस तरह के बदलाव और विकास हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए उनका मानना है कि भारत ने कश्मीरी लोगों के कल्याण के लिए बेहतर काम किया है।"
जदयू प्रवक्ता ने कहा, "पर्यटन के क्षेत्र में काम हुआ है। रोजगार बढ़ रहा है। इसलिए वहां के लोगों को लगता है कि पाकिस्तान ने उनके साथ बेईमानी की है। अब अगर वहां लोगों का मन टटोला जाता है तो वे मानते हैं कि भारत के साथ जुड़ने में ही उनका भविष्य है।"
इसी बीच, राजीव रंजन प्रसाद ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी को बनाने में नेताओं ने सबसे ज्यादा योगदान दिया था, चाहे वे कुमार विश्वास हों, शाजिया इल्मी, प्रशांत भूषण या योगेंद्र यादव, वे सभी एक-एक करके पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन एक अहम रणनीतिकार के तौर पर राघव चड्ढा उभरकर सामने आए। अब तो राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच भी दूरियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। आम आदमी पार्टी में विश्वास का संकट है, जो भविष्य में पार्टी के अंदर एक गहरी टूट में भी बदल सकता है।"
--आईएएनएस
डीसीएच/

