बंगाल: हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की जांच के लिए सीआईडी ने 4 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया
कोलकाता, 1 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चुनाव के संबंध में टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की जांच के लिए सीआईडी ने चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी का नेतृत्व डीआईजी रैंक का एक अधिकारी करेगा और इसमें डीएसपी और दो इंस्पेक्टर सदस्य होंगे।
बता दें कि टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक की नियुक्ति संबंधी एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया था, जिसको विधानसभा अध्यक्ष ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। टीएमसी की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई तो विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सवाल उठाया गया कि किस अधिकार के तहत महासचिव की ओर से यह प्रस्ताव भेजा गया।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पूछा गया कि जिन विधायकों ने इन नेताओं का चयन किया है, उनके हस्ताक्षर कहां हैं? इसके बाद कुछ टीएमसी नेताओं की ओर से विधानसभा परिसर में नारेबाजी की गई। टीएमसी नेता विधानसभा अध्यक्ष से मिलने की मांग करते हुए कई बार उनके कक्ष के बाहर पहुंचे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी पर हस्ताक्षर विवाद का संकट मंडराने लगा है। कुछ विधायकों के हस्ताक्षर में असमानता मिली। जिसके बाद विधानसभा की ओर से कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने सीआईडी की मदद से जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच के लिए सीआईडी की ओर से चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए अभिषेक बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनपर अंडा व ईंट के टुकड़े फेंके गए थे।
इस मामले में छह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि सोनारपुर थाने की टीम ने रातभर इलाके में सर्च अभियान चलाया। हमले से जुड़े वीडियो फुटेज की भी जांच की गई।
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