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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी, विजय चौक पर गूंजेंगी देशभक्ति की धुनें

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ ही 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का शानदार समापन होगा। इस मौके पर पूरा विजय चौक भारतीय धुनों और देशभक्ति के संगीत से गूंज उठेगा।
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी, विजय चौक पर गूंजेंगी देशभक्ति की धुनें

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ ही 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का शानदार समापन होगा। इस मौके पर पूरा विजय चौक भारतीय धुनों और देशभक्ति के संगीत से गूंज उठेगा।

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी 29 जनवरी को विजय चौक में आयोजित की जाएगी। विजय चौक पर यह आयोजन भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस खास अवसर पर भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड अपनी मनमोहक और देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों का प्रदर्शन करेंगे।

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और आम लोग मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मास्ड बैंड की मशहूर धुन ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से होगी। इसके बाद पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली-जुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मरूनी’ और ‘झेलम’ जैसी धुनें बजाएगा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ की धुनों से जोश भरेगा।

यहां भारतीय वायु सेना का बैंड ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्वाइलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ्लाइंग स्टार’ बजाएगा, जबकि नौसेना का बैंड ‘नमस्ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्वी’ और ‘जय भारती’ की प्रस्तुतियाँ देगा। इनके उपरांत भारतीय सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरंभ है प्रचंड है’, ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, ‘आनंद मठ’, ‘सुगम्य भारत’ और ‘सितारे हिंद’ जैसी प्रेरणादायी धुनों से समां बांधेगा। अंत में मास्ड बैंड ‘भारत की शान’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ पेश करेगा। समारोह का समापन हमेशा की तरह बेहद लोकप्रिय धुन ‘सारे जहाँ से अच्छा’ के साथ होगा, जिसे बगलर्स बजाएंगे।

इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य कंडक्टर स्क्वाड्रन लीडर लैमापोकपम रूपचंद्र सिंह होंगे। थल सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय बलों के अलग-अलग कंडक्टर भी अपनी-अपनी टीम का नेतृत्व करेंगे। इस साल एक खास बात यह भी है कि विजय चौक की बैठने की जगहों को भारतीय संगीत वाद्य यंत्रों के नाम दिए गए हैं, जैसे बांसुरी, तबला, सितार, वीणा, शहनाई, मृदंगम, सरोद और संतूर आदि। कुल मिलाकर, यह समारोह संगीत, अनुशासन और देशभक्ति का शानदार संगम होगा।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

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