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बाजार की पाठशाला: लोन चुकाने में डेट स्नोबॉल और डेट एवलॉन्च कर सकते हैं मदद! जानिए कौन-सा तरीका दिला सकता है कर्ज से जल्दी छुटकारा

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। वर्तमान समय में होम लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया और ईएमआई जैसी कई वित्तीय जिम्मेदारियां लोगों के बजट पर दबाव डालती हैं। जब एक साथ कई कर्जों का भुगतान करना पड़ता है, तो वित्तीय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में एक प्रभावी लोन चुकौती रणनीति न केवल कर्ज का बोझ कम कर सकती है, बल्कि आपकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकती है।
बाजार की पाठशाला: लोन चुकाने में डेट स्नोबॉल और डेट एवलॉन्च कर सकते हैं मदद! जानिए कौन-सा तरीका दिला सकता है कर्ज से जल्दी छुटकारा

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। वर्तमान समय में होम लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया और ईएमआई जैसी कई वित्तीय जिम्मेदारियां लोगों के बजट पर दबाव डालती हैं। जब एक साथ कई कर्जों का भुगतान करना पड़ता है, तो वित्तीय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में एक प्रभावी लोन चुकौती रणनीति न केवल कर्ज का बोझ कम कर सकती है, बल्कि आपकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकती है।

वित्तीय विशेषज्ञ आमतौर पर कर्ज चुकाने के लिए दो लोकप्रिय तरीकों की सलाह देते हैं - डेट स्नोबॉल और डेट एवलॉन्च। ये दोनों ही तरीके कर्ज को व्यवस्थित ढंग से खत्म करने में मदद करते हैं, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली और परिणाम अलग-अलग होते हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि कौन-सा तरीका आपको जल्दी कर्जमुक्त बना सकता है। चलिए इनके बारे में एक-एक करके समझते हैं कि ये कैसे काम करती हैं और इनका कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

सबसे पहले डेट स्नोबॉल रणनीति की बात करते हैं। इसमें सबसे छोटे कर्ज को पहले चुकाने पर ध्यान दिया जाता है, चाहे उसकी ब्याज दर कितनी भी हो। इस पद्धति के तहत व्यक्ति अपने सभी कर्जों की न्यूनतम किस्तें भरता रहता है, जबकि अतिरिक्त राशि सबसे छोटे बकाया कर्ज को चुकाने में लगाई जाती है।

जब पहला छोटा कर्ज पूरी तरह समाप्त हो जाता है, तो उसकी ईएमआई या भुगतान राशि अगले छोटे कर्ज में जोड़ दी जाती है। इसी तरह धीरे-धीरे कर्ज चुकाने की गति बढ़ती जाती है और यह प्रक्रिया स्नोबॉल यानी बर्फ के गोले की तरह बड़ी होती जाती है।

इस रणनीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यक्ति को शुरुआत में ही छोटे-छोटे लक्ष्य हासिल होते दिखाई देते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कर्ज चुकाने की प्रेरणा बनी रहती है। यही वजह है कि कई लोग इस तरीके को मानसिक रूप से अधिक आसान और प्रभावी मानते हैं।

हालांकि, इस पद्धति की एक कमी यह भी है कि इसमें सबसे अधिक ब्याज वाले कर्ज को प्राथमिकता नहीं मिलती, जिस कारण कुल ब्याज भुगतान अधिक हो सकता है और कर्ज खत्म होने में अपेक्षाकृत ज्यादा समय लग सकता है।

वहीं, डेट एवलॉन्च पद्धति में कर्ज की राशि नहीं, बल्कि उसकी ब्याज दर को प्राथमिकता दी जाती है। इस तरीके में सभी कर्जों की न्यूनतम किस्तें समय पर चुकाई जाती हैं, जबकि अतिरिक्त राशि सबसे अधिक ब्याज दर वाले कर्ज को समाप्त करने में लगाई जाती है।

जैसे ही सबसे महंगा कर्ज खत्म होता है, वही अतिरिक्त राशि अगले उच्च ब्याज वाले कर्ज में लगाई जाती है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक सभी कर्ज पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते।

वित्तीय सलाहकार इस रणनीति को अक्सर सबसे प्रभावी मानते हैं क्योंकि इससे कुल ब्याज खर्च कम होता है। उच्च ब्याज वाले कर्ज पहले समाप्त होने के कारण उधारकर्ता लंबे समय में बड़ी बचत कर सकता है और कई मामलों में जल्दी कर्जमुक्त भी हो सकता है।

हालांकि, इस पद्धति की चुनौती यह है कि शुरुआत में परिणाम दिखाई देने में समय लग सकता है। यदि सबसे अधिक ब्याज वाला कर्ज बड़ी राशि का है, तो उसे खत्म करने में लंबा समय लग सकता है, जिससे कुछ लोगों का उत्साह कम हो सकता है।

आपके लिए कौन-सी रणनीति सबसे बेहतर होगी, यह काफी हद तक आपकी वित्तीय स्थिति और मानसिकता पर निर्भर करता है। यदि आप अनुशासित हैं, लंबी अवधि में अधिक बचत करना चाहते हैं और ब्याज खर्च कम करना आपकी प्राथमिकता है, तो डेट एवलॉन्च तरीका आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

वहीं, यदि आप छोटे-छोटे लक्ष्य हासिल करके प्रेरित रहते हैं और कई छोटे कर्जों से जल्दी छुटकारा पाना चाहते हैं, तो डेट स्नोबॉल रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों रणनीतियां सही तरीके से अपनाई जाएं तो कर्ज खत्म करने में मददगार साबित हो सकती हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप नियमित भुगतान करें, अनावश्यक नया कर्ज लेने से बचें और अपनी आय के अनुसार यथार्थवादी योजना बनाएं।

--आईएएनएस

डीबीपी

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