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बस्ती: घूसखोर बाबू को पुलिस ने किया गिरफ्तार, घूस लेते वायरल हुआ था वीडियो

बस्ती, 15 मार्च (आईएएनएस)। यूपी के बस्ती जिले के विक्रमजोत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एरियर भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि सीएचसी में तैनात प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से बकाया एरियर जारी कराने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब रिश्वत लेते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी प्रधान लिपिक को गिरफ्तार कर लिया।
बस्ती: घूसखोर बाबू को पुलिस ने किया गिरफ्तार, घूस लेते वायरल हुआ था वीडियो

बस्ती, 15 मार्च (आईएएनएस)। यूपी के बस्ती जिले के विक्रमजोत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एरियर भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि सीएचसी में तैनात प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से बकाया एरियर जारी कराने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब रिश्वत लेते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी प्रधान लिपिक को गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव निगम ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी कर्मचारी के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद आरोपी बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी सुनीता वर्मा का एरियर काफी समय से लंबित था। इस संबंध में अदालत से भी भुगतान का आदेश जारी हो चुका था, इसके बावजूद एरियर जारी नहीं हो रहा था। आरोप है कि विक्रमजोत सीएचसी में तैनात प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर उनसे 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की।

पीड़िता सुनीता वर्मा के अनुसार, प्रधान लिपिक लगातार यह कहते रहे थे कि बिना कमीशन दिए एरियर जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनसे दो किस्तों में कुल 45 हजार रुपये लिए। पहली बार 25 हजार रुपये और दूसरी बार 20 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद भी आरोपी लगातार शेष राशि की मांग करता रहा। उसका कहना था कि जब तक पूरी 10 प्रतिशत कमीशन राशि, जो एक लाख रुपये से अधिक बनती है, नहीं दी जाएगी, तब तक एरियर का भुगतान संभव नहीं है।

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए प्रधान लिपिक का एक वीडियो सामने आ गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी। साथ ही, पुलिस को भी जांच के निर्देश दिए गए। पुलिस ने पीड़िता को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली और उसकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हरैया क्षेत्राधिकारी स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि सुनीता वर्मा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

--आईएएनएस

पीएसके

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