विपक्ष ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कैबिनेट मंत्री गोयल ने लगाया 'सिर्फ राजनीति' करने का आरोप
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सदन के बाहर हंगामा जारी रहा। जहां भगवंत मान सरकार ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने राज्य की कानून व्यवस्था और सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा के बाहर आईएएनएस से बातचीत के दौरान विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष के पास बात करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। वे सदन में खड़े होकर बेमतलब के मुद्दे उठा रहे हैं, जिनका कोई अर्थ नहीं है।
अबोहर के अजय हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां और अन्य परिजनों के साथ विपक्ष के विधानसभा परिसर के बाहर धरना देने को लेकर उन्होंने कहा, "यह हमदर्दी की आवाज उठाना नहीं है, बल्कि सिर्फ राजनीति है। अगर सच में हमदर्दी है तो उन लोगों के घर जाकर उनके साथ खड़े हों, उनके लिए आवाज उठाएं। यहां सदन में लाकर सिर्फ राजनीति की जा रही है।"
कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि जहां कहीं कोई घटना होती है, वहां कानून अपना काम कर रहा है और करता रहेगा। विपक्ष उन प्रदेशों की स्थिति भी बताएं जहां उनकी सरकारें हैं।
वहीं, पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डरी हुई है और जनता के मुद्दों से भाग रही है।
उन्होंने कहा, "इस समय पंजाब में अपराधीकरण बढ़ गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। सरकार पूरी तरह से असहाय नजर आ रही है। लुधियाना की घटना को देखिए, होशियारपुर में जिस तरह का माहौल बना हुआ है, एक व्यक्ति दुकान पर बैठा है और आठ-दस लोग आकर हमला करके चले जाते हैं। आज पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।"
अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि पंजाब में भू-माफिया, माइनिंग माफिया और ड्रग माफिया हावी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ड्रग के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे दबा दिया जाता है। सरकार ने सदन के पटल को भाषणबाजी, चुटकुले सुनाने और भ्रम फैलाने का मंच बना दिया है और जनता का विश्वास खो चुकी है।
वहीं अन्य विपक्षी विधायकों ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि यह सरकार अपनी नैतिकता खो चुकी है। मुख्यमंत्री का घर रिश्वतखोरी का अड्डा बन गया है। पंजाब में कर्ज माफी नहीं हुई, लोगों को कुछ नहीं मिला। आज पूरा पंजाब मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग रहा है। जहां गुंडागर्दी और गैंगस्टर का राज हो, वहां मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना ही चाहिए।"
गुरदासपुर विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा ने कहा कि पंजाब में आए दिन हत्याएं हो रही हैं, फिरौती के लिए कॉल आ रही हैं। गुरदासपुर में 12 करोड़ की डकैती हुई है। ग्रेनेड हमलों में कई लोग घायल हुए, एक व्यक्ति की आंख तक चली गई, लेकिन मुख्यमंत्री आज तक उनके घर नहीं गए और न ही कोई मुआवजा दिया।
--आईएएनएस
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