बरगी डैम क्रूज हादसा: कोर्ट का स्वतः संज्ञान, चालक व अन्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
जबलपुर, 5 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। हादसे के दौरान मौजूद क्रूज चालक और अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए बरगी थाना प्रभारी को दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने और कोर्ट को सूचना देने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर की गई है। कोर्ट ने कहा कि क्रूज चालक ने लापरवाही से क्रूज संचालित किया और हादसे के समय यात्रियों को डूबता छोड़कर खुद बच निकला। अदालत ने यह भी कहा कि डूबते लोगों को बचाने का प्रयास न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
कोर्ट ने माना कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत बनता है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि इस तरह के मामलों में एफआईआर और जांच नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, इसलिए सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
हालांकि, कोर्ट ने हादसे के दौरान लोगों को बचाने की कोशिश करने वालों की सराहना भी की है।
बता दें कि 30 अप्रैल को बरगी डैम में क्रूज पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
कोर्ट ने थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाए और मामले की विस्तृत जांच की जाए।
इस हादसे को लेकर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने गहरा दुख जताते हुए कहा था कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। हम शुरू से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर पूरी तरह चिंतित और सक्रिय रहे। जिन लोगों को बचाया जा सकता था, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन दुर्भाग्यवश 13 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं। मैं खुद मौके पर पहुंच गया था। मेरे पहुंचने से पहले मंत्री राकेश सिंह भी वहां पहुंच चुके थे। हम सभी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए।"
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी

