Samachar Nama
×

बरेली तूफान हादसे में जान गंवाने वाले युवक के परिवार को 4 लाख रुपए का मुआवजा: अविनाश सिंह

बरेली, 12 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है। पूरे जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। जगह-जगह बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि तूफान से जुड़ी घटना में मारे गए 25 साल के एक आदमी के परिवार को 4 लाख का मुआवजा दिया गया है।
बरेली तूफान हादसे में जान गंवाने वाले युवक के परिवार को 4 लाख रुपए का मुआवजा: अविनाश सिंह

बरेली, 12 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई हुई है। पूरे जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। जगह-जगह बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि तूफान से जुड़ी घटना में मारे गए 25 साल के एक आदमी के परिवार को 4 लाख का मुआवजा दिया गया है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि हाल ही में आए भयंकर तूफान और भारी बारिश के दौरान एडमिनिस्ट्रेशन हाई अलर्ट पर रहा, तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे और पेड़ गिरने के साथ-साथ बहुत नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से बरेली में 80-90 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी और तूफान चले थे, जिससे काफी नुकसान हुई है। गुरुवार को तेज बारिश हुई थी। हम लोगों को सचेत ऐप के माध्यम से पहले ही मौसम खराब होने की सूचना मिल गई थी, इसीलिए हम लोगों ने पहले से ही तैयारी कर ली थी, लेकिन तेज हवा से नुकसान हो गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में ढाई सौ से अधिक बिजली खंभे और लाइनें गिर गई हैं। शहरी क्षेत्र में करीब 100 खंभे गिर गए। इस कारण शहर से लेकर देहात तक कई इलाकों में बिजली सेवा काफी देर तक ठप रही। बिजली विभाग के लोग ने शुरुआत में ही व्यवस्था कर ली थी, जिससे समय रहते कई इलाकों में बिजली सेवा भी शुरू कर दी गई थी।

अविनाश सिंह ने बताया कि सभी अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों की निगरानी करने और नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वहीं, आंधी-बारिश से आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। पकने के लिए तैयार आम टूटकर गिर पड़े। इससे किसानों की मुनाफे की उम्मीद को झटका लगा है। दूसरी ओर, धान रोपने के लिए तैयार किए जा रहे खेत में बारिश का पानी भरने से सिंचाई से निजात मिली। प्रगतिशील किसान बारिश को धान के लिए बेहतर मान रहे हैं, जबकि पेड़ और खंभे गिरने से यातायात में काफी परेशानी हुई थी।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

Share this story

Tags