बार्सिलोना में आईएनएस सुदर्शिनी का पड़ाव पूरा, भारत-स्पेन के समुद्री रिश्तों की मजबूती
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के नौसैनिक प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने स्पेन के बार्सिलोना में अपना बंदरगाह पड़ाव पूरा कर लिया है। यह पारंपरिक पाल शैली वाला विशेष भारतीय पोत है। यह पोत 6 सितंबर को बार्सिलोना से रवाना हुआ। नौसेना के मुताबिक स्पेन में यह पड़ाव भारतीय नौसेना के ‘लोकायन 2026’ अभियान का हिस्सा था। आईएनएस सुदर्शिनी एक सितंबर को बार्सिलोना पहुंचा था।
स्पेन में अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने स्पेनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ पेशेवर स्तर पर वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और समुद्री क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श का अवसर मिला।
आईएनएस सुदर्शिनी पर यहां एक विशेष डेक स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। इसमें स्पेनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक प्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारी और कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। इस समारोह के दौरान भारतीय नौसेना और स्पेन के प्रतिनिधियों को एक-दूसरे के साथ बातचीत की। यह बातचीत दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और मित्रता को और मजबूत करने का एक अवसर रहा।
बार्सिलोना में आईएनएस सुदर्शिनी को आम लोगों के लिए भी खोला गया। भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को पोत पर आने और वहां मौजूद नौसैनिक अधिकारियों तथा प्रशिक्षण ले रहे नौसैनिकों से बातचीत करने का मौका मिला। लोगों ने पोत की कार्यप्रणाली, नौसेना के प्रशिक्षण और समुद्री जीवन को करीब से समझा। इस दौरान भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को जानने में भी लोगों ने रुचि दिखाई।
आईएनएस सुदर्शिनी का बार्सिलोना पड़ाव केवल एक नियमित बंदरगाह यात्रा नहीं रहा, बल्कि इसने भारत और स्पेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। इस यात्रा के दौरान पेशेवर बातचीत के साथ-साथ सांस्कृतिक संपर्क भी हुआ। इससे दोनों देशों के नौसैनिकों और नागरिकों के बीच आपसी समझ बढ़ाने तथा मित्रता और सहयोग के संबंधों को मजबूत करने में मदद मिली।
लोकायन 2026 अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा भारतीय नौसेना की समुद्री प्रशिक्षण परंपरा के साथ-साथ भारत की समुद्री कूटनीति को भी दुनिया के सामने रखने का माध्यम बन रही है। बार्सिलोना में हुआ यह पड़ाव इसी व्यापक प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा।
--आईएएनएस
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