बारामूला पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान तेज, कई इलाकों में जंगली भांग की फसल नष्ट
बारामूला, 28 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बारामूला पुलिस ने रविवार को बड़े पैमाने पर जंगली भांग (कैनाबिस) नष्ट करने का अभियान चलाया। इस दौरान क्रीरी, पल्हालन और गोशबुग क्षेत्रों में उगी जंगली भांग को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान बंगदरा क्रीरी, रायपोरा पल्हालन और बाटावारी गोशबुग में चलाया गया। रायपोरा पल्हालन में यह कार्रवाई वेलफेयर सोसाइटी पल्हालन के सहयोग से की गई, जो नशे के खिलाफ पुलिस और स्थानीय समुदाय की साझेदारी को दर्शाती है।
अभियान के दौरान सरकारी भूमि पर लगभग 1.5 कनाल क्षेत्र में फैली जंगली भांग की पहचान की गई। इसके बाद पौधों को मौके पर ही उखाड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इसी तरह बंगदरा क्रीरी और बाटावारी गोशबुग में भी चिन्हित सभी जंगली भांग के पौधों को समाप्त कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के स्रोत को ही खत्म करना, उनके दुरुपयोग को रोकना और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों और नागरिक समाज का भी सक्रिय सहयोग मिला।
बारामूला पुलिस ने कहा कि वह नशा मुक्त बारामूला के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से भांग या अन्य मादक पौधों की खेती या वृद्धि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बता दें कि घाटी में नशा के खिलाफ ऑपरेशन जारी है। एक दिन पहले कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने शनिवार को एक भगोड़े आरोपी के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू की थी। यह आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क द्वारा हेरोइन की तस्करी से जुड़े सीमा पार नार्को-टेरर मामले में शामिल था।
एसआईए की ओर से यह कार्रवाई सक्षम अदालत के आदेशों के पालन में किया गया। फरार अभियुक्त के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी बिलाल शब्बीर अवान के पैतृक घर पर की गई, जो कुपवाड़ा जिले की करनाह तहसील के दिलदार का रहने वाला है।
यह मामला शुरू में जनवरी 2025 में श्रीनगर के परिम्पोरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जब श्रीनगर के बरथाना में नाका चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन जब्त की गई थी। जांच के दौरान मामला एएसआई कश्मीर को सौंप दिया गया, जिसके बाद मामले की जांच में एजेंसी ने एक सुनियोजित सीमा-पार नार्को-टेरर नेटवर्क का पता लगाया, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
--आईएएनएस
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