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बरुईपुर पश्चिम: 17 हजार से अधिक वोटों से टीएमसी उम्मीदवार बिमन बनर्जी की जीत

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। दक्षिण 24 परगना जिले की बरुईपुर पश्चिम विधानसभा सीट का परिणाम घोषित हो चुका है। इस सीट पर रोमांचक मुकाबले के बाद टीएमसी उम्मीदवार बिमान बनर्जी ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा उम्मीदवार बिश्वजीत पाल को हार का सामना करना पड़ा। विजेता उम्मीदवार बिमान बनर्जी को कुल 104781 वोट मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिश्वजीत को 86919 वोट प्राप्त हुए। जीत का अंतर 17862 वोट रहा।
बरुईपुर पश्चिम: 17 हजार से अधिक वोटों से टीएमसी उम्मीदवार बिमन बनर्जी की जीत

कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। दक्षिण 24 परगना जिले की बरुईपुर पश्चिम विधानसभा सीट का परिणाम घोषित हो चुका है। इस सीट पर रोमांचक मुकाबले के बाद टीएमसी उम्मीदवार बिमान बनर्जी ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा उम्मीदवार बिश्वजीत पाल को हार का सामना करना पड़ा। विजेता उम्मीदवार बिमान बनर्जी को कुल 104781 वोट मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिश्वजीत को 86919 वोट प्राप्त हुए। जीत का अंतर 17862 वोट रहा।

बरुईपुर पश्चिम दक्षिण 24 परगना जिले का एक सामान्य विधानसभा क्षेत्र है, जो जादवपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह सीट अपने वर्तमान स्वरूप में 2008 के परिसीमन आयोग के बाद बनी, जब पुराने बरुईपुर क्षेत्र को पश्चिम और पूर्व हिस्सों में बांटा गया। इस क्षेत्र में बरुईपुर नगरपालिका और बरुईपुर ब्लॉक की 10 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

राजनीतिक रूप से यह सीट तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही है। 2021 में बरुईपुर पश्चिम में 83 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें एआईटीसी (अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस) के बिमान बनर्जी ने भाजपा के देबोपम चट्टोपाध्याय (बाबू) को 29 फीसदी के अंतर से हराया था। 2016 में बरुईपुर पश्चिम में 86 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें एआईटीसी के बिमान बनर्जी ने सीपीएम के सफिउद्दीन खान को 20 फीसदी के अंतर से हराया था।

भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर यहां लगातार बढ़ा है। 2011 में कुछ हजार वोट से बढ़कर 2021 में करीब 59 हजार वोट तक पहुंच गया। इसके बावजूद सीट पर टीएमसी की बढ़त कायम रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी टीएमसी ने यहां बढ़त बनाए रखी और पिछली बार से ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की।

मतदाता संरचना की बात करें तो यहां करीब एक-तिहाई मुस्लिम मतदाता हैं, जबकि अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी भी लगभग उतनी ही है। इतिहास के लिहाज से भी बरुईपुर क्षेत्र महत्वपूर्ण रहा है। यह कभी कोलकाता-पूर्व बंगाल रेलवे का प्रमुख केंद्र था और औपनिवेशिक दौर में नील की खेती के लिए जाना जाता था। गंगा डेल्टा क्षेत्र में स्थित यह इलाका समतल और निम्न भूमि वाला है, जहां अदी गंगा सहित कई छोटी नदियां बहती हैं, जो कभी जल-परिवहन का प्रमुख साधन थीं।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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