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बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का हमला, बोले- पुलिस प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का हमला, बोले- पुलिस प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का हमला, बोले- पुलिस प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती

पटना, 2 अगस्त (आईएएनएस)। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पर भाजपा के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान जन सुराज के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया तथा मामले की शिकायत और साक्ष्य चुनाव आयोग को सौंपे गए हैं।

पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस की ओर से जिन लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया, उनमें अधिकांश पटना के स्थानीय निवासी थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने देर रात लोगों के घरों में घुसकर उन्हें उठाया, जबकि वे अपने घरों में सो रहे थे। एसएसपी की ओर से जारी विज्ञप्ति में बाहरी लोगों को चुनाव प्रभावित करने के आरोप में हिरासत में लेने की बात कही गई है, लेकिन पार्टी के पास ऐसे लोगों की सूची है जो स्थानीय निवासी हैं।

प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस का दावा सही है, तो जन सुराज के 54 लोगों को हिरासत में लेने के साथ भाजपा के कितने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा, उन्हें मतदान समाप्त होने से कुछ समय पहले वोट डालने के लिए छोड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मंदिरी वार्ड-26 के निवासी नवल किशोर गुप्ता ने दावा किया कि देर रात भारी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि दिनभर विभिन्न स्थानों पर घुमाने के बाद उन्हें राजीव नगर थाने में रखा गया और बाद में मतदान कराने के लिए बूथ ले जाया गया।

वार्ड-22 की निवासी निभा भूषण ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन उनके घर में पुलिस पहुंची और उन्हें स्थानीय होने का प्रमाण देने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि सभ्य नागरिकों के घरों में इस प्रकार प्रवेश करना उचित नहीं है और वह इसकी शिकायत करेंगी। वहीं वार्ड-38 के निवासी सुनील चंद्रवंशी ने दावा किया कि पुलिस उन्हें तीन बार पकड़ने के लिए उनके घर पहुंची और कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में हिरासत में लिए गए स्थानीय लोगों के नाम, पते और अन्य विवरण शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत थी। उनका कहना था कि यदि प्रशासन वास्तव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई कर रहा था तो सभी दलों के खिलाफ समान रूप से कदम उठाए जाने चाहिए थे।

उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लगभग 20 वर्षों के शासनकाल में चुनाव जीतने के लिए प्रशासन और पुलिस के इस तरह के दुरुपयोग का उदाहरण देखने को नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि जन सुराज इस मामले को कानूनी और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाएगा तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग ने मतगणना के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसके

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