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बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, दो हफ्ते पहले ही भारत में मिले थे दो केस

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की है। इस मामले के सामने आने के बाद एशिया भर में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। 2 हफ्ते पहले ही भारत में दो ऐसे ही मामलों की पुष्टि हुई थी। दोनों ही पश्चिम बंगाल के 24 परगना के रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी थे।
बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, दो हफ्ते पहले ही भारत में मिले थे दो केस

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की है। इस मामले के सामने आने के बाद एशिया भर में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। 2 हफ्ते पहले ही भारत में दो ऐसे ही मामलों की पुष्टि हुई थी। दोनों ही पश्चिम बंगाल के 24 परगना के रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी थे।

डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को बताया कि बांग्लादेश में 40 से 50 साल की मरीज में 21 जनवरी को निपाह वायरस के लक्षण दिखे, जिसमें बुखार और सिरदर्द के बाद मुंह से ज्यादा लार आना, भ्रम और दौरे पड़ना शामिल थे।

एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई, और एक दिन बाद वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी, लेकिन जांच में पता चला कि उसने कच्चे खजूर का रस पिया था।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मरीज के संपर्क में आए सभी 35 लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया है, और अब तक कोई और मामला सामने नहीं आया है।

निपाह संक्रमित चमगादड़ों से दूषित चीजों, जैसे फलों, से फैलता है। यह 75 प्रतिशत मामलों में जानलेवा हो सकता है, लेकिन यह लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है।

भारत में वायरस का मामला सामने आने के बाद ही मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया सहित तमाम देशों ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग लागू कर दी थी।

डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी फैलने का जोखिम कम माना जाता है और वह मौजूदा जानकारी के आधार पर किसी भी यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं करता है। 2025 में, बांग्लादेश में लैब में पुष्टि किए गए चार जानलेवा मामले सामने आए थे।

वर्तमान में इस संक्रमण के लिए कोई दवा या वैक्सीन नहीं है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोने, फ्लाइंग फॉक्स बैट या बीमार सूअरों से दूरी बनाए रखने, चमगादड़ों वाली जगह पर जाने से बचने और चमगादड़ों के जूठे फल या अन्य चीजों को छूने व खाने से परहेज कर इस संक्रमण से बचा जा सकता है।

--आईएएनएस

केआर/

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