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बंगाल: मंत्री दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर हमला, कहा- 'वे खुद ही खो गईं, उनकी अपनी पार्टी नियंत्रण में नहीं'

बंगाल: मंत्री दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर हमला, कहा- 'वे खुद ही खो गईं, उनकी अपनी पार्टी नियंत्रण में नहीं'
बंगाल: मंत्री दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर हमला, कहा- 'वे खुद ही खो गईं, उनकी अपनी पार्टी नियंत्रण में नहीं'

सिलीगुड़ी, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी खुद खो गई हैं। उनकी अपनी पार्टी भी उनके नियंत्रण में नहीं है।

आईएएनएस से बात करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "इंडी गठबंधन कहां गया? ममता बनर्जी खुद ही खो गई हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने इसे बनाया है, लेकिन अब उनकी अपनी पार्टी भी उनके नियंत्रण में नहीं है। पार्टी का अकाउंट चला गया, पार्टी का चुनाव चिह्न चला गया, ऑफिस चला गया और अब उनके उम्मीदवार भी चले गए हैं। ऐसे नेता की क्या विश्वसनीयता है, जो प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ खड़ा हो सके? इसलिए चिंता न करें। देश मजबूत हाथों में है, देश आगे बढ़ रहा है और जनता खुश है।"

दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के बारे में उन्होंने कहा, "बंगाल में लोग हर चुनाव में बहुत दिलचस्पी लेते हैं। उपचुनाव को लेकर उत्साह दिख रहा है। हर कोई चुनाव लड़ने के साथ-साथ इसे मनोरंजन का जरिया भी मान रहा है। उन्हें लड़ने दीजिए। यहां चुनाव किसी त्योहार की तरह मनाए जाते हैं और सबको पहले से ही पता होता है कि नतीजा क्या होगा।"

राज्य भर में सीपीएम पार्टी के दफ्तरों में तोड़फोड़ के आरोपों पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "सीपीएम के पास अब कुछ नहीं बचा है। वे खुद ही तोड़फोड़ करते हैं और रोज सुर्खियों में बने रहते हैं। उनका दफ्तर कहां है? वे कहीं फुटपाथ पर दफ्तर बना लेते हैं, फिर उनके अपने ही लोग जाकर उसे तोड़ देते हैं। यह हमारे लिए जरूरी नहीं है।"

वैश्विक नेता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका और भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में मंत्री घोष ने कहा, "पीएम मोदी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं है। देश ने बार-बार उन्हें स्वीकृति दी है और उन पर भरोसा जताया है, और आज दुनिया की बड़ी ताकतें उन्हें आमंत्रित कर रही हैं और उन्हें अहमियत दे रही हैं। पिछले चार-पांच सालों में ग्लोबल इकॉनमी में काफी उतार-चढ़ाव आए हैं, फिर भी पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं होने दिया।"

उन्होंने कहा, "दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आया है। पाकिस्तान में ये 400 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यहां कीमतें स्थिर रखी गई हैं और सरकार ने आर्थिक नुकसान खुद उठाया है ताकि जनता पर कोई बोझ न पड़े। यही असली लीडरशिप है। ऐसे हालात में 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ हासिल करना लगभग नामुमकिन लग रहा था, लेकिन पीएम मोदी ने इसे मुमकिन कर दिखाया। इसलिए रूस और चीन ने मिलकर दुनिया को स्थिर करने वाले देशों के खिलाफ लड़ने के लिए मन बनाया है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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