'पश्चिम बंगाल के बारे में गहराई से सोचते हैं पीएम मोदी,' 'मन की बात' में उत्तम कुमार के जिक्र पर बोले सुकांत मजूमदार
कोलकाता, 30 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में महानायक उत्तम कुमार का जिक्र किया, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल के बारे में गहराई से सोचते हैं।
सुकांत मजूमदार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने महान अभिनेता उत्तम कुमार का जिक्र किया और बंगाली में बयान दिया। प्रधानमंत्री बंगाल के बारे में गहराई से सोचते हैं। उत्तम कुमार हमेशा से बंगाली फिल्म उद्योग के एक प्रतिष्ठित नायक रहे हैं। उनकी शताब्दी के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल सरकार 4 सितंबर को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है, और हम इसे पूरे साल मनाएंगे। पीएम मोदी ने हमारे 100 वर्षगांठ पर स्मरण किया। एक बंगाली होने के नाते मैं पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं।"
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज दमदम के इंदिरा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल में मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें एपिसोड को सुनने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ हिस्सा लिया। 'मन की बात' कार्यक्रम भारत के लोगों से जुड़ने, देश की उपलब्धियों का जश्न मनाने और देश के हर कोने से प्रेरणादायक कहानियों और आवाजों को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम बना हुआ है। यह जन भागीदारी और एक आत्मविश्वास से भरे, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत की सामूहिक भावना का एक सार्थक प्रतिबिंब है।"
एक अन्य मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने यूनिवर्सिटी में भारत विरोधी नारेबाजी पर सरकार के सख्त कदम की सराहना की। उन्होंने कहा, "एक यूनिवर्सिटी जो जनता के पैसों से पोषित है, जनता भारत के लोकतंत्र को मानती है। उस जनता के पैसों से चलने वाले उस यूनिवर्सिटी में अगर भारत के खिलाफ नारेबाजी की जाएगी, तो वह नहीं होगा। ऐसे में सरकार ने जो सख्त कदम उठाए हैं, वह सराहनीय कदम है। जहां तक ममता बनर्जी की बात है, वह कोर्ट को नहीं मानती हैं। वह खुद को संविधान से ऊपर रखती हैं।"
उन्होंने कहा, "अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन ने जिस प्रकार से पुलिस के साथ मारपीट किया, वह खुद को शायद अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी समझ रहे थे। उन्होंने पुलिस को रोकने का काम किया। ऐसे में स्वाभाविक है कि पुलिस अपना काम करेगी। सभी को कानून मानना पड़ेगा।"
--आईएएनएस
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