बाला देवी: 50 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाली पहली भारतीय महिला, जिन्होंने विदेशी क्लब में बिखेरी चमक
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय महिला फुटबॉल टीम की स्ट्राइकर बाला देवी ने अपने शानदार खेल से देश का नाम रोशन किया है। वह यूरोपियन क्लब में खेलने वाली पहली भारतीय महिला फुटबॉलर हैं। बाला देवी 50 अंततराष्ट्रीय गोल करने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं।
2 फरवरी 1990 को मणिपुर के इरेंगबाम में जन्मीं नंगंगोम बाला देवी को बचपन से ही फुटबॉल का शौक था। वह लड़कों के साथ इसे खेला करती थीं।
बाला देवी का टैंलेंट किसी से छिपा नहीं था। वह साल 2005 से भारतीय महिला फुटबॉल टीम का हिस्सा हैं। उनके नाम दो बार बेस्ट अंडर 19 फुटबॉलर का खिताब है। साल 2010 में उन्हें एसएएफएफ विमेन फुटबॉल चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। इसके बाद उन्हें साल 2015 और 2020-21 में इस खिताब ने नवाजा गया।
बाला देवी ने मणिपुर को विमेंस फुटबॉल चैंपियनशिप 2014 का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। उस टूर्नामेंट में बाला देवी ने 7 मुकाबले खेलते हुए 29 गोल किए थे।
साल 2010 में सैफ गेम्स में बाला देवी ने भूटान के विरुद्ध एक ही मुकाबले में 5 गोल दागे थे। इसके बाद साल 2015 में मणिपुर के नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में उनका अहम योगदान रहा। उन्हें साल 2015 और 2016 में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने 'विमेंस प्लेयर ऑफ द ईयर' खिताब से नवाजा था।
जब बाला देवी भारत के लिए 50 गोल करने वाली पहली महिला फुटबॉलर बनीं, तो उन्होंने यह उपलब्धि अपने पिता को समर्पित की थी, जिन्होंने बचपन से उन्हें फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया था। पिता ने बेटी को न सिर्फ चलना सिखाया, बल्कि गेंद को किक करना भी सिखाया। उन्होंने कदम-कदम पर बाला देवी का साथ दिया। हालांकि, जब बेटी ने इतिहास रचा, तो पिता इस पल को देखने के लिए दुनिया में नहीं थे।
2017-18 और 2018-19 में इंडियन विमेंस लीग की टॉप स्कोरर बाला देवी साल 2020 में स्कॉटलैंड के रेंजर्स एफसी के साथ अनुबंध करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने मदरवेल एफसी के खिलाफ गोल दागा, जिसके साथ यूरोपीय लीग में गोल करने वाली पहली भारतीय महिला भी बनीं। बाला देवी ने देश की बेटियों को इस खेल के लिए प्रेरित किया है। वह युवा खिलाड़ियों की आइकन हैं।
--आईएएनएस
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