बाल कल्याण में जुटी गुजरात सरकार, फोस्टर पैरेंट्स स्कीम समेत कई योजनाओं से मिला हजारों बच्चों को लाभ
गांधीनगर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। बाल कल्याण के लिए समर्पित गुजरात सरकार राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के लिए वाहली दीकरी योजना, मुख्यमंत्री अल्पाहार योजना, डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट, नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना और नमो लक्ष्मी योजना जैसी कई महत्वपूर्ण वेलफेयर स्कीम्स चला रही है। इन्हीं में से एक सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की फोस्टर पेरेंट स्कीम यानी पालक माता-पिता योजना है।
इसके अंतर्गत 18 साल तक के अनाथ बच्चों के करीबी रिश्तेदारों और पालक माता-पिता को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे खर्चों के लिए हर महीने 3,000 रुपए प्रदान किए जाते हैं। गुजरात में हजारों बच्चों को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिससे उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद मिल रही है।
लाभार्थी स्नेहा चौधरी ने कहा कि पालक माता-पिता योजना के अंतर्गत हमें सरकार से हर महीने 3,000 रुपए मिलते हैं। इससे हमें शिक्षा में बहुत मदद मिली है, जिससे मैं ट्यूशन क्लास कर सकती हूं। इस सहायता से मैंने बहुत पढ़ाई की है।
लाभार्थी मीत पटेल ने कहा कि पालक माता-पिता स्कीम के तहत मुझे हर महीने सरकार से 3,000 रुपए मिलते हैं। इससे मैं काबिल बना हूं। मैंने अच्छी शिक्षा ग्रहण की है। मेरे खाते में जो 3,000 रुपए आते थे, उससे मेरी स्कूल फीस और ट्यूशन की फीस भर जाती थी। इससे मुझे बहुत राहत मिली है। मैं अपना पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स पूरा करने वाला हूं।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके पालक माता-पिता योजना का लाभ लिया जा सकता है। जहां बाल कल्याण समिति आवेदनों पर विचार करती है और चयनित लाभार्थियों को इसके तहत आर्थिक मदद दी जाती है।
गांधीनगर के बाल सुरक्षा अधिकारी संजय पटेल ने कहा कि जो बच्चे अनाथ होते हैं, उनकी देखभाल उनके मामा, चाचा और दादा-दादी करते हैं, और यह स्कीम खास तौर पर ऐसे बच्चों की पढ़ाई के लिए है। पालक माता-पिता योजना के आवेदन के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है।
अहमदाबाद की बाल कल्याण समिति की सदस्य अलकाबेन रावल ने कहा कि आवेदन के बाद हम बच्चे के लिए केयर प्लान बनाते हैं, उसकी होम इंस्पेक्शन रिपोर्ट और सब कुछ तैयार करने के बाद हम आदेश देते हैं कि बच्चे को स्पॉन्सरशिप स्कीम का लाभ दिया जाए। इस स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चे को हर महीने 3,000 रुपए दिए जाते हैं। सरकार की पालक माता-पिता योजना और स्पॉन्सरशिप स्कीम जैसी योजनाओं का एक ही मकसद होता है कि बच्चे की बेहतर तरीके से पारिवारिक माहौल में परवरिश की जाए।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पालक माता-पिता योजना के तहत 21,881 लाभार्थियों को कुल 80.81 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 22,224 बच्चों को 41.11 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है।
फोस्टर पेरेंट स्कीम सिर्फ अनाथ बच्चों की आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भविष्य सुनिश्चित करने का अवसर भी प्रदान कर रही है। कुल मिलाकर, गुजरात सरकार की यह पहल बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और जरूरतमंद बच्चों के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
--आईएएनएस
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