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बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के नियम नए नहीं, पहले से हैं ये कानून: शफीक कासमी

कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। कोलकाता की नखोदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी ने बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के नए नियमों और व्यवस्थाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जो नियम लागू किए गए हैं, वे नए नहीं बल्कि पुराने कानूनों को ही सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम समाज त्योहार को पूरी शांति और भाईचारे के साथ मनाएगा।
बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के नियम नए नहीं, पहले से हैं ये कानून: शफीक कासमी

कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। कोलकाता की नखोदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी ने बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के नए नियमों और व्यवस्थाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जो नियम लागू किए गए हैं, वे नए नहीं बल्कि पुराने कानूनों को ही सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम समाज त्योहार को पूरी शांति और भाईचारे के साथ मनाएगा।

इमाम शफीक कासमी ने कहा, "कानून कोई नया नहीं है। कानून पहले से मौजूद था। अब नई सरकार आने के बाद उसे ठीक तरीके से लागू किया जा रहा है। इसमें परेशानी की कोई बात नहीं है। अगर किसी जगह पर अनुमति नहीं मिलेगी, तो उसके विकल्प मौजूद हैं। हम कहीं और जाकर अपनी कुर्बानी और इबादत अच्छे से कर लेंगे। हम खस्सी-बकरी की कुर्बानी दे सकते हैं।"

उन्होंने रेड रोड पर बकरीद की नमाज को लेकर उठे विवाद पर कहा कि ऐसा नहीं है कि अनुमति पूरी तरह रद्द कर दी गई है, बल्कि जगह बदली गई है। उनके मुताबिक, "रेड रोड की जगह अब ब्रिगेड मैदान दिया गया है, जो काफी बड़ा मैदान है। इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है। लोग आराम से वहां नमाज पढ़ सकते हैं और अपना त्योहार मना सकते हैं।"

इमाम ने लोगों से अपील की कि बकरीद को लेकर किसी तरह का तनाव न लें और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि लोग नमाज पढ़ें, एक-दूसरे को गले लगाएं और मुबारकबाद दें।

इस दौरान उन्होंने कहा, "मवेशियों की कुर्बानी तो सिर्फ एक प्रतीक है, असली कुर्बानी यह है कि इंसान दूसरों के लिए अपने स्वार्थ छोड़ दे। अगर ट्रेन या बस में किसी बुजुर्ग, महिला या कमजोर व्यक्ति को सीट दे दी जाए तो वह भी एक तरह की कुर्बानी है। दूसरों की मदद करना, किसी को तकलीफ न पहुंचाना भी कुर्बानी का हिस्सा है।"

इमाम शफीक कासमी ने देशवासियों को बकरीद की मुबारकबाद दी और दुआ की कि भारत में सभी लोग मिल-जुलकर प्यार और मोहब्बत के साथ रहें। उन्होंने कहा कि यही त्योहारों की असली भावना है।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी

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