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बकरीद को लेकर पाबंदियों पर भड़के वारिस पठान, कहा- नफरत फैलाकर राजनीति चमकाने की कोशिश

मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। मुंबई में बकरीद से पहले चल रहे विवादों और बीएमसी की ओर से कुछ जगहों पर कुर्बानी को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर मुसलमानों के त्योहारों को निशाना बनाया जा रहा है और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
बकरीद को लेकर पाबंदियों पर भड़के वारिस पठान, कहा- नफरत फैलाकर राजनीति चमकाने की कोशिश

मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। मुंबई में बकरीद से पहले चल रहे विवादों और बीएमसी की ओर से कुछ जगहों पर कुर्बानी को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर मुसलमानों के त्योहारों को निशाना बनाया जा रहा है और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

वारिस पठान ने कहा कि इस बार बकरीद के मौके पर जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, उससे साफ दिखता है कि कुछ लोग नफरत की राजनीति कर रहे हैं। मुंबई की कई सोसायटियों से उन्हें फोन आए, जहां लोगों ने शिकायत की कि कुछ संगठन के लोग सोसायटियों में घुसकर यह जांच कर रहे थे कि कहीं बकरा रखा गया है या नहीं।

वारिस पठान ने सवाल उठाया कि आखिर किसने उन्हें यह अधिकार दिया कि वे लोगों के घरों और सोसायटियों में जाकर इस तरह की जांच करें। उन्होंने कहा कि कई सोसायटियों को पहले बीएमसी की ओर से अनुमति दी गई थी कि वे तय जगह पर कुर्बानी कर सकते हैं, लेकिन बाद में दबाव बनाकर वह अनुमति रद्द करा दी गई।

उन्होंने कहा कि अगर किसी सोसायटी में पालतू कुत्ते रखने की अनुमति हो सकती है तो फिर बकरीद के मौके पर कुर्बानी के लिए जानवर रखने पर आपत्ति क्यों हो रही है? उनके मुताबिक यह सिर्फ मुसलमानों के त्योहारों को बाधित करने और नफरत फैलाने की कोशिश है। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं और मुंबई जैसे शहर में दंगा भड़काने की साजिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षों से लोग मिलजुलकर त्योहार मनाते आए हैं और पहले कभी इस तरह की दिक्कत नहीं हुई। कई सोसायटी के लोगों ने भी कहा कि 1995 से वहां कुर्बानी की व्यवस्था होती रही है, लेकिन इस बार अचानक विरोध शुरू हो गया। वारिस पठान के मुताबिक, यह बदलाव स्वाभाविक नहीं बल्कि संगठित तरीके से फैलाए जा रहे नफरत के माहौल का असर है।

बकरीद मनाने को लेकर वारिस पठान ने कहा कि वह सुबह ईदगाह जाकर नमाज पढ़ेंगे, लोगों से गले मिलेंगे और फिर कुर्बानी की रस्म अदा करेंगे। मुस्लिम धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि कुर्बानी के जानवरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें और ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों। मुसलमान हमेशा अमन, शांति और भाईचारे का संदेश देते आए हैं और इस बार भी वही संदेश देंगे।

वारिस पठान ने फिलिस्तीन और गाजा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लगातार हिंसा हो रही है और निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बकरीद के मौके पर वह फिलिस्तीन के लोगों के लिए भी दुआ करेंगे और उम्मीद करेंगे कि दुनिया में शांति कायम हो।

ताजमहल में कथित कीर्तन-भजन के वायरल वीडियो पर भी वारिस पठान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वहां कीर्तन-भजन हो सकता है तो फिर किसी मुसलमान द्वारा नमाज पढ़ने पर विवाद क्यों खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुसलमान वहां कुछ मिनट नमाज पढ़ लेता तो अब तक उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाती और उसे जेल भेज दिया जाता। कानून और नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर भजन-कीर्तन करने पर किसी को आपत्ति नहीं होती, लेकिन अगर कोई सड़क पर नमाज पढ़ ले तो विवाद खड़ा कर दिया जाता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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