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बैतूल में पीएम विश्वकर्मा योजना ने बदली कई परिवारों की जिंदगी

बैतूल में पीएम विश्वकर्मा योजना ने बदली कई परिवारों की जिंदगी
बैतूल में पीएम विश्वकर्मा योजना ने बदली कई परिवारों की जिंदगी

बैतूल, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक सेमिनार सह जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में एमएसएमई विकास कार्यालय इंदौर के अधिकारियों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के सभी ब्लॉकों से 180 से अधिक महिला-पुरुष हितग्राहियों ने भाग लिया।

हितग्राहियों ने योजना को आम जन के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके व्यवसाय में नई जान आई है और परिवार की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

एक लाभार्थी महिला नीलम पाटिल ने बताया, “इस योजना के तहत मुझे एक लाख रुपए का लोन मिला। पहले परिवार की स्थिति बहुत खराब थी। लोन के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन नहीं मिला। पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ने पर एक लाख रुपए का लोन और 15 हजार रुपए की टूलकिट मिली। अब व्यवसाय अच्छे से चल रहा है। मैं मोदी सरकार का धन्यवाद करती हूं।

राजमिस्त्री का कार्य करने वाले हितग्राही सुरेश सराटकर ने कहा, “मुझे योजना के तहत लोन, सर्टिफिकेट और टूलकिट मिली। इससे मेरा व्यवसाय बढ़ गया है। मैं सेंटरिंग का काम करता हूं। अब मुझे दोबारा लोन चाहिए ताकि व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकूं।

पीतल की मूर्तियां बनाने वाली महिला लाभार्थी आरती बरसाकर ने बताया, “मैंने व्यवसाय बढ़ाने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आवेदन किया। बेसिक ट्रेनिंग मिली, जिसमें स्टाइपेंड भी दिया गया। अब लोन भी मिलने वाला है। इस योजना से बैंक से लोन लेना आसान हो गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हम अपने उत्पाद देश-विदेश तक बेच सकते हैं। परिवार और जिंदगी दोनों सुधर रही है।”

एमएसएमई विकास कार्यालय, बैतूल में सहायक निर्देशक गौरव गोयल ने कहा, “इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को फंडिंग और मार्केटिंग के बारे में जागरूक करना था। 150 से अधिक पुरुष और महिला लाभार्थी यहां पहुंचे थे। हमने उन्हें बताया कि टूलकिट और लोन मिलने के बाद व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाएं, उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग, एआई का उपयोग और साइबर क्राइम से बचाव कैसे करें।”

उन्होंने बताया कि कई लाभार्थियों को अभी लोन या टूलकिट नहीं मिली है। सभी की समस्याओं का फीडबैक लिया गया है और जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द से जल्द उन्हें लाभ दिलाया जाएगा। योजना के तीसरे वर्ष पूरे होने पर लाभार्थियों की संख्या और उपलब्धियों की समीक्षा भी की जा रही है।

कार्यक्रम में लोहे और सीने (पीतल) के व्यवसाय करने वाले हितग्राहियों की संख्या सबसे अधिक थी।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को लोन, टूलकिट, ट्रेनिंग और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों को मजबूती मिल रही है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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