Samachar Nama
×

बच्चों को ब्रोंकियल अस्थमा से कैसे बचाएं, विशेषज्ञों ने योग से श्वसन क्षमता बढ़ाने पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

बच्चों को ब्रोंकियल अस्थमा से कैसे बचाएं, विशेषज्ञों ने योग से श्वसन क्षमता बढ़ाने पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बच्चों को ब्रोंकियल अस्थमा से कैसे बचाएं, विशेषज्ञों ने योग से श्वसन क्षमता बढ़ाने पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। बच्चों में बढ़ती सांस संबंधी समस्याओं के बीच योग को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से पीएम ई-विद्या पर एक विशेष कार्यक्रम ‘योगशक्ति-बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा का योगिक प्रबंध’ आयोजित किया गया है। इस लाइव सत्र में योग विशेषज्ञों ने बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा के प्रबंधन में योग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की तथा उपयोगी योगाभ्यासों का प्रदर्शन भी किया गया।

एनसीईआरटी के अनुसार कार्यक्रम का आयोजन 7 जुलाई 2026 की सुबह पीएम ई-विद्या चैनल 6 से 12 पर किया गया। यह सत्र विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक सभी लोगों के लिए उपयोगी रहा। इस कार्यक्रम में योग विशेषज्ञ कृष्ण कुमार गुप्ता, योग प्रशिक्षक एवं एमडीएनआईवाई के पूर्व छात्रों ने स्कूली बच्चों के लिए उपयुक्त योग पद्धतियों और उनके लाभों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों के साथ बच्चों को संवाद का अवसर भी मिला।

गौरतलब है कि योग को समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। विभिन्न अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि चिकित्सकीय उपचार के साथ पूरक रूप में अपनाए जाने पर योग बच्चों में अस्थमा से जुड़े कुछ लक्षणों और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार लाने में सहायक हो सकता है।

यह पहल विद्यार्थियों और अभिभावकों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम से जुड़कर प्रतिभागी यह जान सके कि नियमित योगाभ्यास किस प्रकार बच्चों के समग्र स्वास्थ्य, श्वसन क्षमता और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

अभी 21 जून को ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में मनाया गया था। इस अवसर पर देशभर में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष की थीम के अनुरूप लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन के लिए योग अपनाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में छात्रों के सामूहिक योग सत्र आयोजित हुए।

योग प्रशिक्षकों ने प्राणायाम, आसन और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों के मुताबिक कि नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है।

--आईएएनएस

जीसीबी/वीसी

Share this story

Tags