बाबा महाकाल के दर्शन को उज्जैन पहुंचीं प्रांजल दहिया, बोलीं- मिलती है सकारात्मक ऊर्जा
उज्जैन, 17 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर बुधवार को भस्म आरती का भव्य आयोजन किया गया। भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे विशिष्ट और विश्व विख्यात परंपरा मानी जाती है, जिसमें तड़के सुबह बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार कर भस्म से आरती की जाती है। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए हरियाणवी सिंगर प्रांजल दहिया भी उज्जैन पहुंचे।
बुधवार की भस्म आरती और भी विशेष रही क्योंकि भगवान महाकाल को भगवान गणेश के स्वरूप में सजाया गया था। इस दिव्य श्रृंगार ने मंदिर में उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। पूरा वातावरण "हर हर महादेव" और "जय महाकाल" के जयकारों से गूंज उठा।
महाकालेश्वर मंदिर की यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की गहराई को भी दर्शाती है। भस्म आरती के दौरान होने वाला मंत्रोच्चारण, दीपों की रोशनी और शंख-घंटों की ध्वनि एक दिव्य वातावरण का निर्माण करते हैं, जो श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
इस खास मौके पर हरियाणवी सिंगर प्रांजल दहिया भी महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं और बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने भस्म आरती में भाग लिया और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। यह उनकी दूसरी यात्रा थी और उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर अत्यंत सौभाग्य और खुशी महसूस होती है। उनके अनुसार, महाकाल मंदिर में उन्हें एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है, जो मन को शांति प्रदान करती है।
प्रांजल दहिया ने भावुक होकर कहा, "जय महाकाल। मुझे बहुत सौभाग्यशाली और खुश महसूस हुआ। आज मैं दूसरी बार यहां आई हूं और जब भी मैं यहां आती हूं, तो बहुत खुशी लेकर जाती हूं। मुझे यहां बहुत सकारात्मकता मिलती है। बस बाबा मुझे हमेशा ऐसे ही बुलाते रहें। सभी लोग यहां आएं, खुश रहें और मुस्कुराते रहें।"
--आईएएनएस
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